Sheohar News: बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए शिवहर के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) बृजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप हैं. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार द्वारा जारी निलंबन आदेश की पुष्टि जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी प्रेम प्रकाश ने की है. डीडीसी के निलंबन के बाद जिलाधिकारी प्रतिभा रानी के निर्देश पर एडीएम मेधावी को उप विकास आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है.
1.86 करोड़ की अवैध संपत्ति का है मामला
विगत 24 मार्च 2026 को स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की टीम ने डीडीसी बृजेश कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी. निगरानी विभाग ने उनके ऑफिसर कॉलोनी स्थित सरकारी आवास और समाहरणालय स्थित कार्यालय में एक साथ छापेमारी की थी. विशेष निगरानी विभाग के डीएसपी लव कुमार तिवारी के अनुसार, जांच के दौरान 1 करोड़ 86 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति के प्रमाण मिले थे. इस मामले में कांड संख्या 16/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी.
छापेमारी में मिली थी अकूत संपत्ति
विजिलेंस की छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी, जेवरात और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे. जांच टीम ने पाया कि बृजेश कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग कर अपनी वास्तविक आय से कई गुना अधिक संपत्ति बनाई है. सरकार ने विजिलेंस की रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में आरोपों को सही पाते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई की है.
प्रशासनिक महकमे में मची खलबली
शिवहर के वरिष्ठ अधिकारी पर हुई इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. बृजेश कुमार जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय निर्धारित कर दिया गया है और आगे की विभागीय जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
शिवहर से मनीष नंदन की रिपोर्ट
