Sheohar News: जिला व्यवहार न्यायालय शिवहर ने साला की निर्मम हत्या के मामले में बहनोई समेत दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया.
लोक अभियोजक सुरेश राय ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि कस्तुरिया गांव निवासी मदन कुमार के पुत्र सूरज कुमार की हत्या धन के लालच में की गई थी. मामले में मृतक के बहनोई दीपक कुमार और उसके दोस्त मंटू कुमार को दोषी करार दिया गया है.
झंडा देखने के बहाने बुलाकर की हत्या
अभियोजन के अनुसार, तरियानी थाना क्षेत्र के सुरगहिया निवासी दीपक कुमार और उसके दोस्त मंटू कुमार ने सूरज कुमार को झंडा देखने के बहाने अपने घर बुलाया था.
पहले से रची गई साजिश के तहत दोनों ने उसकी निर्मम हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को झाड़ियों में छिपा दिया था.
कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से लोक अभियोजक सुरेश राय ने न्यायालय में पक्ष रखा. उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक Kumar ने आरोपी दीपक कुमार और मंटू कुमार को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई. साथ ही दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया है.
धारा 120बी में अतिरिक्त सजा
न्यायालय ने आपराधिक साजिश रचने के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत दोनों दोषियों को पांच वर्ष की अतिरिक्त सजा और जुर्माना भी सुनाया है.
फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताया है.
