Sheohar News: समाहरणालय के संवाद कक्ष में शुक्रवार को डीएम प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक सह पंच सम्मेलन आयोजित किया गया. बैठक में 'विकसित भारत - जी राम जी' के तहत ग्रामीण रोजगार की गारंटी और पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई. डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के निर्माण और अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया.
ग्रामीण क्षेत्रों में नाली, सड़क और तालाब निर्माण को मिलेगी प्राथमिकता
डीएम ने कहा कि ग्रामीण रोजगार की योजनाओं के तहत नाली निर्माण, ग्रामीण हाट, सड़कों का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार और जल संचयन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं दूसरी ओर गांवों में आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार होगा.
हर पात्र परिवार को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी
डीएम ने बताया कि नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वर्ष 125 दिनों के गारंटीकृत मजदूरी आधारित रोजगार का वैधानिक अधिकार मिलेगा. मजदूरी का भुगतान कार्य करने की तिथि से अधिकतम 15 दिनों के भीतर डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में किया जाएगा.
काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान
योजना में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है. यदि किसी पात्र परिवार द्वारा रोजगार की मांग किए जाने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो राज्य सरकार को निर्धारित दर के अनुसार बेरोजगारी भत्ता देना होगा.
पंचायतों को सौंपी गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों को प्रमुख इकाई बनाया गया है. पंचायतें श्रमिकों का पंजीकरण, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने तथा कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों के निष्पादन की जिम्मेदारी निभाएंगी. मध्यवर्ती पंचायत यानी पंचायत समिति योजनाओं का समेकन करेगी, जबकि जिला परिषद समर्पित संचालन समिति के माध्यम से योजनाओं की निगरानी करेगी.
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ग्राम सभा के माध्यम से नियमित सामाजिक अंकेक्षण कराने का भी प्रावधान है.
पीएम सूर्य घर योजना में सोलर लगाने पर जोर
बैठक के दूसरे सत्र में डीएम प्रतिभा रानी ने पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा की. उन्होंने पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को योजना के आर्थिक लाभों की जानकारी देते हुए "सोलर लगाएं, बिजली बिल बचाएं" के उद्देश्य से अधिक से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने की अपील की.
78 हजार रुपये तक मिलेगा अनुदान
डीएम ने बताया कि 1 किलोवॉट तक के सोलर प्लांट पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवॉट पर 60 हजार रुपये तथा 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक का अनुदान देय है. रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए उपभोक्ताओं को आसान किस्तों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है.
उन्होंने बताया कि अनुदान का यह प्रावधान 31 मार्च 2027 तक निर्धारित है. जनप्रतिनिधियों से आम लोगों को योजना की जानकारी देने और उन्हें आधिकारिक पोर्टल एवं हेल्पलाइन के माध्यम से आवेदन के लिए प्रेरित करने की अपील की गई.
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