नोटबंदी पर बोले विधायक
शिवहर : स्थानीय विधायक मो. शरफुद्दीन ने कहा कि नोट बंदी अच्छी पहल है. जदयू व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मैं भी नोटबंदी के समर्थन में खड़ा हूं किंतु त्रुटिपूर्ण व्यवस्था से आम आदमी हलकान हो रहे है. कहा कि नोटबंदी के करीब 34 दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई है.
बैंक द्वारा निर्धारित सीमा से भी कम राशि दिये जाने से रोजमर्रा का समान खरीदने में भी लोगों को परेशानी हो रही है. उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि नोट निकासी के लिए निर्धारित सीमा को समाप्त किया जाना चाहिए. ताकि लोग अपने जरूरत के अनुसार पैसे की निकासी कर सके. इससे बैंकों के तानाशाही पर लगाम लगेगी. एक ओर गरीब दो हजार के लिए भटक रहा है. तो दूसरी ओर बैंक प्रबंधन के विधि विरुद्ध कार्यशैली के कारण कालाधन रखने वाले लोगों की चांदी कट रही है.
करोड़ों रुपये की नये नोट बरामदगी से सारा स्थिति साफ हो रहा है. इसलिए केंद्र सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए. स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो आनेवाले समय में हिंदुस्तान के इतिहास में नोटबंदी आत्मघाती कदम माना जायेगा. कहा कि शादी विवाह पर भी नोट बंदी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. कहा कि बीमार लोगों को भी नोटबंदी से राहत नहीं है. किसी को ऑपरेशन कराना है तो उसके लिए अधिक राशि की आवश्यकता है. किंतु बैंक उसे जरूरत के अनुसार राशि मुहैया नहीं करा पा रही है.
कहा कि मजदूरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आज भी एटीएम पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. जबकि निकासी की निर्धारित सीमा को समाप्त कर दिया जाय. तो स्वत: एटीएम की लाइनें कम हो जायेगी. कहा कि अगर बैंक व एटीएम से नोट निकल भी रहा है तो वह दो हजार का नोट होता है. ऐसे में खुदरा के अभाव में लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
