कवायद. जख्मी को अस्पताल पहुंचानेवाले होंगे पुरस्कृत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में एसपी ने दिया थानाध्यक्षों को निर्देश
सीतामढ़ी : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रशासन के स्तर से कई कदम उठाये जा रहे हैं. इसी के तहत यह निर्णय लिया गया है कि सड़क दुर्घटना में जख्मी व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले को पुरस्कृत किया जायेगा.
दुर्घटना की सूचना देने वालों को भी पुलिस पुरस्कृत करेगी. कल तक ऐसी स्थिति थी कि कोई घटना- दुर्घटना होने पर लोग पुलिस के लफड़े से बचने के लिए न तो पुलिस को सूचना देते थे और न ही जख्मी व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाते थे. ऐसी स्थिति अब भी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद अब लोग सजग हो रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति दुर्घटना की सूचना पुलिस को देते हैं या पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाते हैं तो उनको परेशान नहीं किया जाये, बल्कि ऐसे लोगों को पुरस्कृत करने की जरूरत है.
पहले इलाज, िफर पूछताछ: सड़क दुर्घटना में जख्मी व्यक्ति से अक्सर पुलिस पहले पूछताछ शुरू कर देती थी. फिर इलाज कराती थी. गत दिन सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठक हुई. मौके पर सभी थानाध्यक्ष मौजूद थे. एसपी हरि प्रसाथ एस ने थानाध्यक्षों से कहा कि दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति का पहले इलाज कराना है, उसके बाद हीं उससे पूछताछ करना है. दुर्घटना हो जाने की स्थिति में उपचार के लिए एनडीआरफ/एसडीआरफ की टीम द्वारा सभी थानाध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. कारण कि उक्त टीम के सदस्य प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग लिये हुए रहते हैं.
रिपोर्ट तलब : सभी थानाध्यक्ष डीटीओ को यह रिपोर्ट देंगे कि उनके क्षेत्र में कौन सी दुर्घटना किस कारण से हुई ताकि उसमें सुधार करके दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ ही इससे बचा जा सके. प्रत्येक तीन माह पर थानाध्यक्षों की रिपोर्ट की समीक्षा की जायेगी. उसके बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को आगे का और कदम उठाया जायेगा. दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों को रिलीफ के लिए जिला स्तर पर एक कोष का गठन किया जा रहा है. डीटीओ चितरंजन प्रसाद ने बताया कि उक्त कोष से पीड़ित को मुआवजा दिया जायेगा.
100 नंबर पर दें सूचना
दुर्घटना होने पर कोई भी व्यक्ति जिला के कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर सूचना दे सकता है. सूचना मिलते ही यहां मौजूद अधिकारी के स्तर से तुरंत कार्रवाई की जायेगी. अब वह दिन दूर नहीं जब डीटीओ द्वारा अपने विभाग की ओर से वाट्सएप नंबर जारी किया जायेगा ताकि लोगों से उस पर दुर्घटना अथवा एमवी एक्ट एवं अन्य कानून के उल्लंघन की जानकारी संबंधित वाहन के निबंधन संख्या सहित फोटोग्राफ/वीडियोग्राफी शीघ्र प्राप्त हो सके.
