क्रांतिकारी रचनाकार थे रामवृक्ष बेनीपुरी

समारोह. गोवा की राज्यपाल ने वंशी पचड़ा गांव में किया पुस्तकालय का शिलान्यास बेनीपुरी चेतना समिति की ओर से प्रकाशित स्मरण पुस्तक का किया गया लोकार्पण तरियानी (शिवहर) : रामवृक्ष बेनीपुरी एक क्रांतिकारी रचनाकार थे. उनकी कलम में आंदोलन था. जो लोगों में सामाजिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक चेतना जागृत करने में कामयाब रहे. उनकी रचनाओं […]

समारोह. गोवा की राज्यपाल ने वंशी पचड़ा गांव में किया पुस्तकालय का शिलान्यास

बेनीपुरी चेतना समिति की ओर से प्रकाशित स्मरण पुस्तक का किया गया लोकार्पण
तरियानी (शिवहर) : रामवृक्ष बेनीपुरी एक क्रांतिकारी रचनाकार थे. उनकी कलम में आंदोलन था. जो लोगों में सामाजिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक चेतना जागृत करने में कामयाब रहे. उनकी रचनाओं में समाज का सजीव चित्रण मिलता है. यही कारण है कि पाठक जब उनकी रचनाओं को पढ़ता है. तो उसके पात्र से अपना आत्मीय संबंध जोड़ लेता है. हर व्यक्ति को लगता है कि यह कहानी उसकी या उसके आसपास की है.
स्वतंत्रता आंदोलन में भी उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. उक्त बातें गोवा की राज्यपाल डॉ मृदुला सिन्हा ने वंशी पचड़ा गांव में रामवृक्ष बेनीपुरी जी के ननिहाल में पुस्तकालय सह वाचनालय भवन के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद एक सभा को संबोधित करते हुये कहीं. इस दौरान उन्होंने बेनीपुरी चेतना समिति न्यास द्वारा प्रकाशित स्मरण बेनीपुरी नामक पुस्तक का लोकार्पण भी किया. इस दौरान राज्यपाल ने बेलसंड विधायक सुनिता सिंह चौहान के मद से दी गयी राशि से निर्मित यात्री शेड व रामवृक्ष बेनीपुरी सामुदायिक भवन का भी उद्घाटन किया. मौके पर राज्यपाल ने बेनीपुरी जी के सानिध्य में बिताये गये क्षण व स्मृतियों को भी शेयर किया. कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान सभी स्मृतियां जीवंत हो गयी है. जिससे मन भींग गया है. उन्होंने लोगों से अपील की कि लोक संस्कृति वेद, उपनिषद व भारतीय संस्कृति को अक्ष्क्षुण बनाने में लोग आगे आये. बेनीपुरी जी की सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी. बिहार की संस्कृति की चर्चा करते हुये कहा कि अद्वितीय है यहां की संस्कृति व धरती पर फैली हरियाली की चादर बिहार का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है. उन्होंने बेनीपुरी चेतन समिति न्यास के अध्यक्ष व बेनीपुरी जी के पुत्र महेंद्र बेनीपुरी के सहयोग की सराहना की. मौके पर शिवहर सांसद रमा देवी ने कहा कि भारत छोड़ो अंादोलन हो या असहयोग आंदोलन बेनीपुरी जी का सहयोग अविस्मरणीय रहा है. उन्होंने अधिकतर रचनाएं जेल प्रवास के दौरान लिखी. जिसमें क्रांति की चिंगारी निकलती थी.
वे लगभग 8 वर्ष तक जेल यात्रा पर रहे. किंतु रुके नहीं, झूके नहीं बढ़ते चलते रहे. करीब 80 से अधिक पुस्तकें उन्होंने लिख डाली. सीतामढ़ी सांसद राम कुमार सिंह ने बेनीपुरी जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला. जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये बेलसंड विधायक ने बेनीपुरी जी के आर्दशों को आत्मसात करने पर बल दिया. कार्यक्रम का संचालन महंथ राजीव रंजन दास ने किया. वहीं धन्यवाद ज्ञापन समाजसेवी राणा रणधीर सिंह चौहान ने किया. इस दौरान उपस्थित लोगों ने बेनीपुरीजी से जुड़े अपने संस्मरण सुुुनाकर लोगों को उनकी याद ताजा कर दी़ मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल शर्मा, मुजफ्फरपुर से आये डॉ हरेंद्र कुमार, अशोक मोदी, प्रो जलेश्वर सरस्वती, प्रो. सुभाष चंद मौजूद थे़

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