पुपरी : केंद्र सरकार की ओर किसानों की फसल पर लागत के दोगुना मूल्य देने की घोषणा की जा रही है, पर प्रखंड क्षेत्र में एक माह से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद अब तक सरकार द्वारा निर्धारित गेहूं के समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद शुरू नहीं हो सकी है, जिसके चलते किसानों में मायूसी छायी हुई है.
जबकि सरकारी पत्र के अनुसार विगत पांच अप्रैल से ही गेहूं की खरीदारी शुरू हो जानी चाहिए थी, पर अब तक ऐसा कुछ नहीं देखा जा रहा है. हालांकि यह कोई नयी बात नहीं है.
पूर्व में भी सरकारी लापरवाही के चलते किसानों की खरीफ फसल ‘धान’ की खरीदारी विलंब से शुरू हुई, जिसके चलते पूरे प्रखंड में मात्र एक पैक्स रामनगर बेदौल में 700 क्विंटल धान की खरीदारी हो सकी, जिसके चलते लक्ष्य पूरा नहीं हो सका. लिहाजा किसानों औने-पौने दामों पर अपना धान बेचना पड़ा.
इस संबंध में पैक्स अध्यक्ष अशोक चौधरी, शिवाचंद्र मिश्र, मो शमीम उर्फ काले समेत अन्य ने बताया कि सरकार व पैक्स अध्यक्षों के बीच ताल-मेल के अभाव में धान की खरीद नहीं हो सकी जो दु:खद है.
एक ओर किसान के हित में घोषणा की जाती है तो दूसरी ओर उनका अहित होता दिख रहा है. इधर, किसान अमरेंद्र पांडेय, संजय पांडेय, मनोज कुमार चौधरी, रणधीर कुमार व गुलाब ठाकुर समेत अन्य ने बताया कि पैक्स व व्यापार मंडल द्वारा खरीदारी नहीं की जा रही है. ऐसे में निर्धारित सरकारी मूल्य पर खरीद असंभव है. ग्रामीण क्षेत्रों में 12-14 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की बिक्री हो रही है.
