पीएम आवास योजना का मकान अधर में

93 को प्रथम व 64 लोगों को हुआ था प्रथम व द्वितीय किस्त का भुगतान लाखों लगा कर सैकड़ों लोगों को अब तक नहीं मिल सका है आवास का सुख पुपरी : पीएम आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को आवास मुहैया कराने के उद्देश्य से व विभागीय निर्देश पर […]

93 को प्रथम व 64 लोगों को हुआ था प्रथम व द्वितीय किस्त का भुगतान

लाखों लगा कर सैकड़ों लोगों को अब तक नहीं मिल सका है आवास का सुख
पुपरी : पीएम आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को आवास मुहैया कराने के उद्देश्य से व विभागीय निर्देश पर शहरी क्षेत्र का सर्वे किया गया. बाद में वर्ष 2016-17 में आवास बनाने को लेकर प्राप्त कुल 400 आवेदनों के विरूद्ध 254 आवेदनों पर स्वीकृति प्रदान की गयी. ऐसे लाभुकों को कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मकान बनाने के लिए उन्हें प्रथम व द्वितीय किस्त दिया भी गया , पर आवंटन के अभाव में उक्त लाभुकों को अब तक तीसरे किस्त का भुगतान नहीं हो पाया है,
जिसके चलते उनका मकान अब तक अधूरा पड़ा हुआ है. आश्चर्य की बात यह कि प्रथम सत्र के लोगों का मकान नहीं बन सका, पर सत्र 2017-18 में आवास निर्माण के लिए फिर से सर्वे शुरू की गयी. एक बार फिर 534 गरीब तबके के लोग यह सोच कर आवेदन किया कि सरकारी सहयोग के चलते उनके सपने साकार हो जायेंगे, यानी वे भी अब शहर में पक्का मकान बना कर रह सकेंगे, पर सत्र समाप्त होने के दो माह बाद भी अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गयी है.
यानी अब तक नगर पंचायत जनकपुररोड क्षेत्र में पीएम आवास योजना टांय-टांय फिस्स समझा जा रहा है. दु:खद यह है कि सैकड़ों लोगों द्वारा अपने जेब से लाखों रूपया लगा दिया गया, पर अब तक उन्हें आवास का पक्के आवास का सुख नहीं मिल पा रहा है.
आवंटन के अभाव में नहीं मिला तीसरा किस्त
इस संबंध में नपं के कार्यपालक पदाधिकारी कमलनाथ झा व नगर अध्यक्ष मनोज कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2016-17 के लिए अंत में पीएम आवास योजना के तहत आवास निर्माण मद में 1.1 करोड़ का आवंटन प्राप्त हुआ, जिसका भुगतान 93 लोगों को प्रथम व 64 लोगों को प्रथम व द्वितीय किस्त के रूप में कर दिया गया. उसके बाद से अब तक आवंटन प्राप्त नहीं हो सका है. वहीं, वर्ष 2017-18 में करीब 534 शहरी व गरीब परिवार के लोगों द्वारा आवास निर्माण के लिए आवेदन किया गया. विभागीय प्रक्रिया के बाद आइपीएल कंपनी द्वारा आवेदन के आलोक में भौतिक सत्यापन के बाद 460 आवेदनों को सही मानते हुए स्वीकृति प्रदान की गयी, पर आवंटन के अभाव में अब तक उन आवेदकों को कोई लाभ नहीं मिल सका है. हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि सरकारी अनुदान के अलावा भी लाभुकों द्वारा किसी प्रकार पैसे का इंतजाम कर अावास निर्माण में लगाया गया, पर अब तक उन्हें आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है. कार्यपालक पदाधिकारी श्री झा ने कहा, कि विभागीय स्तर पर कई बार पत्र भेजा गया है. आवंटन प्राप्त होते हीं लाभुकों के बैंक खाते में भेज दिया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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