बीडीओ को छोड़ सभी पदाधिकारी
थे कार्यालय से नदारद
बथनाहा : महीनों के सन्नाटा के बाद प्रखंड कार्यालय परिसर में मंगलवार को पंचायत जनप्रतिनिधियों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी. भीड़ में स्थानीय विधायक दिनकर राम, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि विजय साह व जिला वार्ड सदस्य संघ के अध्यक्ष रामप्रवेश यादव समेत दर्जनों मुखिया, सरपंच, पंसस, वार्ड सदस्य व पंच के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता दिखाई दे रहे थे. इसके अलावा दूर-दूर के गांवों से विभिन्न समस्याओं को लेकर दर्जनों लोगों की भीड़ उमड़ी थी.
बीडीओ कार्यालय खचाखच भड़ा हुआ था. जनप्रतिनिधियों द्वारा बाढ़ राहत, सामाजिक सुरक्षा पेंशन समेत विभिन्न योजनाओं से संबंधित समस्याओं के सवाल पर हंगामा कर रहे थे. रनौली पंचायत के पंसस कैलाश महतो ने विधायक, प्रमुख प्रतिनिधि व बीडीओ की मौजूदगी में प्रखंड नाजिर पर आरोप लगाया कि उनके पंचायत की सरपंच नीलम देवी द्वारा नाजिर से पिछले करीब नौ माह से प्रखंड में पड़ी जनप्रतिनिधियों के भत्ते की राशि को बैंक खातों में भेजने की मांग की गयी, तो नाजिर ने रिश्वत की मांग की. इस पर बीडीओ ने कहा कि यदि इस मद में राशि है, तो शीघ्र ही आरटीजीएस कराया जाएगा.
वहीं, रालोसपा प्रखंड अध्यक्ष समेत कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रभारी सीओ सह बीएओ अनिल कुमार चौधरी, एमओ मंजय कुमार, सीडीपीओ सुषमा व मनरेगा पीओ गौरव कुमार पर अपने कार्यालय से ज्यादातर समय गायब रहने का आरोप लगाया. मंगलवार को भी बीडीओ व सीडीपीओ को छोड़ कोई भी पदाधिकारी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे.
कमलदह पंचायत के वार्ड सदस्य मो फिरोज ने प्रभारी सीओ पर जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया. वहीं, कई पंचायत जनप्रतिनिधियों ने प्रखंड के सभी विभागों की समीक्षा करने की मांग की.
आखिर काफी हंगामे के बाद बीडीओ ने आक्रोशित जनप्रतिनिधियों को शांत कराते हुए जिला की तरह प्रखंड में भी हर माह समन्वय समिति की बैठक बुलाकर योजनाओं एवं विभागों की समीक्षा करने के साथ ही पदाधिकारियों व कर्मचारियों की दिनचर्या में सुधारने लाने के लिए प्रखंड कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन लगाकर उसके माध्यम से हाजिरी लगवाने का निर्णय लिया.
