तैयारी पूरी. पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़
फोटो-3- बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी करते लोग.
मंदिरों में उमड़ेगी आस्था की भीड़, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना, 27 मार्च को मनायी जायेगी रामनवमी
प्रतिनिधि, सासाराम ग्रामीण
गुरुवार से वासंतिक नवरात्र प्रारंभ हो जायेगा. इसके साथ मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना होगी़ नव संवत्सर 2083 का शुभारंभ हो गया है. नवरात्र को लेकर जिले के मंदिरों व शक्तिपीठों में तैयारी पूरी कर ली गयी है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आस्था का माहौल बन गया है़ शहर के मां ताराचंडी धाम, दिनारा के मां भलुनी भवानी, मां तुतला भवानी सहित विभिन्न देवी मंदिरों में मेला जैसा उत्सव दिखाई देगा. मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी कलश स्थापना की तैयारी अंतिम चरण में है. आस्थावान श्रद्धालु विशेष अनुष्ठान को लेकर जुटे हुए हैं. देवी मंदिरों के आसपास फल-फूल व पूजन सामग्री की अस्थायी दुकानें सज गयी हैं. नवरात्र की पूर्व संध्या पर बुधवार को शहर के धर्मशाला रोड, गोला बाजार व चौखंडी सहित अन्य बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी. मिट्टी के दीये, ढकनी व कलश की जमकर बिक्री हुई. इसके साथ मां की चुंदरी, माला व अन्य पूजन सामग्री की मांग भी बढ़ी रही. दुकानदारों के अनुसार इस बार नवरात्र को लेकर बाजार में अच्छी रौनक देखी जा रही है.
कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त
आचार्य दयाशंकर पांडेय ने बताया कि 19 मार्च को चैत्र नवरात्र पर कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक रहेगा. इस दौरान लाभ चौघड़िया 12:29 से 1:59 बजे तक रहेगा, जो अत्यंत शुभ माना गया है. उन्होंने बताया कि जो श्रद्धालु दोपहर में पूजा नहीं कर सकते, उनके लिए सुबह 6:54 से 7:57 बजे तक शुभ चौघड़िया में कलश स्थापना की जा सकती है. मंदिरों व पंडालों में अभिजीत मुहूर्त को सबसे उत्तम माना गया है.
दुल्हन की तरह सजे देवी
मंदिर:
वासंतिक नवरात्र को लेकर मां ताराचंडी मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है. नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए मंदिर कमेटी द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गयी हैं. प्रशासन भी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व सुविधाओं को लेकर सतर्क है. गुरुवार को मेले का उद्घाटन होगा.
27 को मनेगी
रामनवमी
चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे से शुरू होकर 27 मार्च को सुबह 10:06 बजे तक रहेगी. स्मार्त परंपरा के अनुसार, 26 मार्च को जबकि वैष्णव परंपरा के अनुसार 27 मार्च को रामनवमी मनायी जायेगी. दोनों दिन मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:13 से 1:41 बजे तक रहेगा.
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