मांगों को लेकर हड़ताल पर गये कर्मी

सदर अस्पताल में आशा व आशा फैसिलिटेटर ने किया प्रदर्शन

सदर अस्पताल में आशा व आशा फैसिलिटेटर ने किया प्रदर्शन

प्रतिनिधि, सासाराम सदर.

सदर अस्पताल स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में श्रम संगठन, स्वतंत्र फेडरेशन, सार्वजनिक प्रतिष्ठान, विभिन्न संगठित व असंगठित मजदूरों समेत सभी स्कीम वर्कर्स ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को धरना-प्रदर्शन किया. बिहार राज्य आशा व आशा फैसिलिटेटर संघ ने भी हड़ताल के समर्थन में सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के माध्यम से आशा ने कहा कि राज्य की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के बुनियाद के रूप में आशा एवं आशा फैसिलिटेटर के प्रयास से ही संस्थागत प्रसव व टीकाकरण कार्य में प्रगति हुई है. इसके अलावा केंद्रीय व राज्य स्तरीय कार्यों के संचालन में भी आशाओं की अहम भूमिका है. कोरोना जैसी महामारी के दौरान आशा ने अपनी जान जोखिम में डाल कार्य किया था. इसकी विश्व स्वास्थ्य संगठन, पटना उच्च न्यायालय, बिहार सरकार, भारत सरकार व मानवाधिकार आयोग ने सराहना की थी. श्रम सम्मेलनों और राष्ट्रीय मानवाधिकार की ओर से आशा को मजदूर का दर्जा देते हुए वैधानिक मजदूरी देने की अनुशंसा की गयी थी. इसके बावजूद भी आशा को चार माह तक का प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत आशा को मिलने वाले एक हजार रुपये में कमीशनखोरी की जा रही है. बिक्रमगंज अनुमंडल अस्पताल में भी आशा ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. मौके पर सपना देवी, पार्वती देवी, मीना देवी, कश्मीरा देवी, इंदू देवी, अपराजो देवी, दीपा कुमारी, सोनामती कुमारी, रेणु बाला देवी, कांति कुमारी, कुमारी गीता वर्मा, सुशीला देवी, विदेशी पासवान, कामेश्वर सिंह, दशरथ प्रसाद, सुदामा राम, अक्षय कुमार, दिवाकर पाठक, अनिल कुमार श्रीवास्तव, रामइकबाल राम आदि मौजूद रहे.

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Published by: Anurag sharan

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