Sasaram News : कोचस नगर पंचायत क्षेत्र में मानसून की हल्की लेकिन लगातार हो रही बारिश ने विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है. बुधवार को हुई रुक-रुक कर बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलजमाव और गंदगी की समस्या गंभीर रूप से सामने आ गई. हाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च कर नाली और गली निर्माण के दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्थिति अब भी बदहाल बनी हुई है. नगर पंचायत के 16 वार्डों में कीचड़, सड़ांध और गंदे पानी से लोग परेशान हैं.
बारिश के बाद कई मोहल्लों में पानी जमा हो गया, जिससे लोगों को घर से निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर लोग नगर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं.
नालों की सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात से पहले नालों की सफाई और उड़ाही का काम नहीं कराया गया. इसके कारण नालियां पूरी तरह गंदगी और मिट्टी से भर चुकी हैं. जैसे ही बारिश हुई, पानी निकासी का रास्ता बंद हो गया और सड़कों पर जलजमाव हो गया.
पूर्व पैक्स अध्यक्ष सुरेंद्र दुबे, रविकांत सिंह, मुन्ना पासवान, सतेंद्र प्रसाद गुप्ता, दीनानाथ तिवारी, कमलेश शर्मा, जवाहर साह और विकास गुप्ता समेत कई लोगों ने बताया कि यदि समय रहते सफाई कराई जाती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती.
अधूरे पड़े हैं निर्माण कार्य
नगर पंचायत के कई वार्डों में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं. वार्ड संख्या 4, 5, 7, 8, 9, 10 और 11 में पीसीसी ढलाई और नाला निर्माण का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है. वहीं कुछ वार्डों में तो अब तक नाली का निर्माण ही नहीं किया गया है, जिसके कारण पानी जमा होने की समस्या और गंभीर हो गई है.
पुरानी बाजार, वार्ड संख्या 7 का मुख्य मार्ग, वार्ड संख्या 10 की सड़क और ओवरब्रिज के सर्विस रोड के किनारे स्थित दुकानों के सामने घुटने तक पानी जमा हो गया है. इससे आम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.
पार्षदों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
नगर पंचायत के कई पार्षदों ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि गली और नाली निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसका कोई ठोस परिणाम नहीं दिख रहा. पार्षदों ने आरोप लगाया कि यह राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है.
बताया गया कि इस मुद्दे को हाल ही में हुई नगर पंचायत की सामान्य बोर्ड बैठक में भी उठाया गया था, लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी की लापरवाही के कारण अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
नगर प्रशासन चुप, नहीं मिला जवाब
इस पूरे मामले पर जब नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ओमप्रकाश सिंह से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. प्रशासन की चुप्पी ने लोगों की नाराजगी और बढ़ा दी है.
लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही समस्या सामने आती है, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी दावे ही किए जाते हैं. उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और अधूरे पड़े कार्यों को पूरा किया जाए.
