लाल पत्थर से निकल रही अजीब आवाज, रोहतास के इस वन देवी मंदिर में बढ़ रही लोगों की आस्था; मन्नते होती है पूरी

कुसमी पहाड़ी स्थित वन देवी मंदिर के पत्थरों से धातु जैसी आवाज आती है। जानिए इस रहस्यमयी मंदिर की मान्यताएं और इतिहास के बारे में विस्तार से।

Sasaram News : रोहतास जिले के करगहर प्रखंड के पहाड़ी गांव के पास स्थित कुसमीं पहाड़ी इन दिनों अपने अनोखे रहस्य और गहरी आस्था के कारण चर्चा में है. यहां स्थित वन देवी मंदिर के आसपास बिखरे लाल पत्थर लोगों के लिए कौतूहल का बड़ा केंद्र बने हुए हैं. इन पत्थरों पर जैसे ही कोई लकड़ी या दूसरे पत्थर से प्रहार करता है, तो उनमें से लोहे या पीतल के बजने जैसी साफ आवाज सुनाई देती है. यही वजह है कि यहां आने वाला हर श्रद्धालु इस अनुभव को जरूर महसूस करता है.

आस्था से जुड़ी अनोखी परंपरा

स्थानीय मान्यता के अनुसार इन पत्थरों पर प्रहार करने से मां वन देवी प्रसन्न होती हैं और श्रद्धालुओं की मन्नतें पूरी करती हैं. यही कारण है कि मंदिर में आने वाले लोग पूजा-अर्चना के साथ इस परंपरा को निभाना नहीं भूलते.

गांव के लोगों का कहना है कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है. खासकर ज्येष्ठ नवरात्र के दौरान यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

शादी-ब्याह से जुड़ी खास रस्म

इस मंदिर की एक और खास पहचान यहां होने वाली पारंपरिक रस्में हैं. गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि विवाह या किसी खुशी के अवसर पर नई दुल्हन और दूल्हे को यहां लाकर मां का आशीर्वाद लिया जाता है.

महिलाएं ‘ककन’ की रस्म के दौरान पत्थरों पर डंडे से प्रहार करती हैं. ऐसा माना जाता है कि इन आवाजों से मां प्रसन्न होती हैं और नवविवाहित जोड़े को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं.

प्राचीन मंदिर और ग्रामीणों का योगदान

ग्रामीण चितरंजन सिंह, गौरीशंकर सिंह, रामेश्वर सिंह, राम बदन सिंह, रामप्यारे सिंह, अयोध्या सिंह, विजय सिंह, अजय सिंह और हिमांशु सिंह ने बताया कि पत्थरों के बीच स्थापित वन देवी की मूर्ति काफी प्राचीन है.

मंदिर का निर्माण भी गांव के लोगों ने चंदा जुटाकर कराया है. तब से लेकर आज तक यहां हर साल मेला लगता है और श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ यहां पहुंचते हैं.

जंगल, मान्यता और एक रहस्यमयी कहानी

गांव के बुजुर्गों के अनुसार, कई साल पहले कुसमीं पहाड़ी घने जंगलों से ढकी हुई थी. लेकिन समय के साथ अवैध कटाई के कारण जंगल खत्म हो गया.

मान्यता है कि इसके बाद मां वन देवी प्रकट हुईं और पेड़ों की कटाई करने वालों को दंड दिया. तभी से यहां उगने वाले पेड़-पौधों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता. लोग इस पहाड़ी को अब देवी का धाम मानकर उसकी रक्षा करते हैं.

विज्ञान भी खोज रहा जवाब

जहां एक ओर लोग इसे देवी का चमत्कार मानते हैं, वहीं कुछ पुरातत्व और विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञ इसे अलग नजरिए से देखते हैं. उनका कहना है कि इन पत्थरों में लौह अयस्क की मात्रा अधिक होने के कारण प्रहार करने पर धातु जैसी आवाज निकलती है.

हालांकि यह विषय अभी भी शोध का केंद्र बना हुआ है और पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है.

आस्था और रहस्य का संगम

कुसमीं पहाड़ी का वन देवी मंदिर आज आस्था, परंपरा और रहस्य का अनोखा संगम बन चुका है. यहां आने वाले लोग न सिर्फ मां के दर्शन करते हैं, बल्कि इस अनोखी घटना को देखकर अचंभित भी होते हैं.

ग्रामीणों का मानना है कि चाहे विज्ञान कुछ भी कहे, लेकिन उनके लिए यह मां वन देवी की शक्ति और आशीर्वाद का प्रतीक है. यही वजह है कि यह स्थान धीरे-धीरे एक खास धार्मिक और आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है.


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By Prabhat khabar news desk

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