कोल्ड चेन भंडारण एवं परिवहन की कड़ियो से बनने वाली शृंखला है. जब टीका सुरक्षित व सुरक्षित रहेगा, तो जिलेभर में बच्चों को समुचित वैक्सीनेशन किया जा सकेगा. इसके लिए स्वास्थ्य के सभी कर्मियों को सहयोग करना होगा. ताकि, निर्धारित समय अवधि में वैक्सीन का कार्य पूरा किया जा सके.
कहते हैं प्रतिरक्षण पदाधिकारीजिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ आरकेपी साहू ने कहा कि जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ आरकेपी साहू ने बताया कि कोल्ड चेन भंडारण व परिवहन की कड़ियों से बनने वाली शृंखला है. ये सभी कड़ियां वैक्सीन के निर्माण स्थल से लाभार्थी को पहुंचाये जाने तक निर्धारित तापमान में रखने के लिए विकसित की गयी है. टीका का सही रखरखाव काफी महत्वपूर्ण होता है. दो डिग्री से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान टीका को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण है. इतना तापमान में टीका सुरक्षित रहता है. तापमान मेंटेन नहीं रखने पर टीका खराब हो सकता है. ऐसे में कोल्ड चेन बेहद ही जरूरी है. इसको ले रूटीन के तौर पर जिले के 19 प्रखंडों के सभी कोल्ड चैन होल्डर का क्षमता वर्धन किया जाता है. ताकि टीके के रखरखाव में किसी तरह की त्रुटि न रहें. उन्होंने बताया कि आइएल रेफ्रिजरेटर में वैक्सीन को किस तरह रखना है, किस क्रम में कौन सा वैक्सीनेशन रखा जायेगा. इसकी जानकारी दी गयी. सभी चेन होल्डरों को वैक्सीन उचित तापमान पर लाने और ले जाने की सूचना देनी होगी.
टीकों के लिए कोल्ड चेन जरूरीटीका के रखरखाव के लिए कोल्ड चेन जरुरी है. क्योंकि,टीका नाजुक जैविक पदार्थ होते हैं. टिका को अधिक व कम तापमान में रखने पर उनकी क्षमता खत्म हो सकती है. कोल्ड चेन टीकों को उचित तापमान पर रखने का एक तरीका है.
कोल्ड चेन के फायदेटीकों की गुणवत्ता बनाये रखने में मिलती है मदद
टीकों की क्षमता (बीमारी से बचने की क्षमता) बनाये रखने में मिलती है मदद
सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों को मिलती है मजबूतीवैश्विक स्वास्थ्य और सुरक्षा में मिलता है योगदान
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