प्रभात खबर की पड़ताल में कई अफसर मिले गायब, श्रमिकों को बैरंग लौटना पड़ा

श्रमिकों के श्रम पर फेरा पानी, 12 बजे तक अफसर मिले नदारद

सच्चिदानंद दीपू, डालमियानगर

विभाग श्रम संसाधन केंद्र डालमियानगर का कार्यालय. दिन मंगलवार, दो दिसंबर 2025. प्रभात खबर की टीम जब पड़ताल करने पहुंचे तो कई अफसर गायब मिले. दिन के 12 बजे तक श्रम अधीक्षक सुजीत कुमार व श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रोहित कुमार कार्यालय नहीं पहुंचे थे. नियमानुसार सप्ताह में एक दिन मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों फरियाद श्रम कल्याण केंद्र में सुनी जाती है. उस समय श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद रहते हैं. पर, जब 12 बजे तक न तो श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी आये और ना ही श्रम अधीक्षक, तो वहां उपस्थित करीब दर्जन भर श्रमिकों में असंतोष बढ़ने लगा. श्रमिकों ने पूछा तो, कार्यालय से जवाब मिला. आज साहब नहीं आयेंगे. श्रमिक नंदलाल, लालती देवी, किशोर आदि ने कहा कि सप्ताह में एक बार ही मुलाकात होती है. हमारा काम हो या नहीं. कम से कम समस्या सुनी तो जाती है. पर, अब हमें अगले मंगलवार को आना होगा. किराये में धन, आने जाने में शरीर का श्रम और समय तीनों हमारा आज का बर्बाद हो गया.

मंगलवार की सुबह प्रभात खबर की पड़ताल में यह समस्या श्रम कल्याण केंद्र डालमियानगर में नजर आया. मोबाइल पर संपर्क करने पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रोहित कुमार ने कहा कि आवश्यक एवं जांच के कार्य से कार्यालय से बाहर हूं. इसलिए आज कार्यालय में उपस्थित नहीं हो पाया हूं. वहीं, श्रम अधीक्षक सुजीत कुमार से उनके मोबाइल पर रिंग होने के बावजूद बात नहीं हो सकी.

जबकि, इधर सुबह 10:25 बजे सिक्योरिटी गार्ड गौतम कुमार निर्धारित समय से कार्यालय का मुख्य गेट खोले. तत्काल ही परिसर में स्थित श्रम कल्याण केंद्र के टेबल-कुर्सी की सफाई कर्मी श्रीकिसुन ने शुरू कर दी. आउटसोर्सिंग सफाईकर्मी सोहन कुमार फर्श की सफाई में जुट गये. 10:30 बजे कार्यालय लिपिक नित्यानंद पासवान, निम्न वर्ग लिपिक अजय कुमार शर्मा तथा समाज आयोजक सोशल वेलफेयर इंस्पेक्टर सत्येंद्र चौधरी का कार्यालय में प्रवेश हुआ. 10.35 बजे कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश कुमार एवं लिपिक जितेंद्र कुमार कार्यालय पहुंचे. लिपिक जितेंद्र कुमार ने बताया कि ठंड से थोड़ी तबीयत खराब हो गयी है. अन्यथा मैं हमेशा समय से कार्यालय में मौजूद रहता हूं. कंप्यूटर ऑपरेटर सत्यनारायण एवं लेखापाल रोशन कुमार के बारे में पूछने पर इंस्पेक्टर सत्येंद्र चौधरी ने बताया कि दोनों छुट्टी में हैं. माली सत्येंद्र कुमार 10:40 बजे कार्यालय पहुंचे और विलंब का कारण साफ नहीं बताते हुए कहा कि प्रतिदिन कार्यालय में समय पर मौजूद रहता हूं. आज थोड़ी देर हो गयी है. कार्यालय परिचारी सुबोध कुमार 11:30 बजे कार्यालय पहुंचे. देर का कारण बैंक चला गया. वहां से आने में विलंब हो गया.

क्या कहते हैं लोग:—छोटे-छोटे कार्यों के लिए श्रम विभाग के कर्मियों द्वारा कई-कई बार दौड़ाया जाता है. मेरा 2018 में श्रम कार्ड बना है. उसी दौरान खाते में 6000 रुपये आया था. दो वर्ष पहले इ-श्रम कार्ड के लिए आवेदन दिया था. अब तक नहीं बना है. तब से दौड़ रहा हूं. पदाधिकारी व कर्मचारी हमें सिर्फ समय देते हैं. मैं परेशान हो चुका हूं. आज भी साहेब से भेंट नहीं हुआ.

अनिल कुमार सेठ, बांक निवासी असंगठित मजदूरमेरे घर की माली स्थिति खराब होने के कारण मजदूरी का काम करती हूं. तीन माह पहले इ-श्रम कार्ड बनाने के लिए आवेदन दी थी. कई बार यहां आ चुकी हूं. पिछली बार मुझे चुनाव बाद आने को कहा गया था. आज आयी हूं, तो पदाधिकारी नहीं हैं. मेरी दिहाड़ी भी बर्बाद हो गयी. श्रम और समय गया सो अलग. देखते हैं. शायद अगले मंगलवार को मुलाकात हो जाए और मेरा काम भी हो जाए.

– लखपतिया देवी, मजदूर

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Published by: Panchdev kumar

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