Sasaram News : बभंडी के ग्रामीणों ने श्रमदान से बनायी कच्ची सड़क

श्रमदान से लगभग एक किलोमीटर की दूरी तक गांव से लेकर नासरीगंज-राजपुर मुख्य सड़क तक लगभग 50 हजार रुपये चंदा इकट्ठा कर श्रमदान से मिट्टी भराई कर कच्ची सड़क का निर्माण कर लिया

नासरीगंज. इरादे अटल हो तो रास्ते खुद ब खुद निकलते चले जाते हैं. दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कभी जोश राह बनाता है, तो कभी परिस्थितियां वह करने की हिम्मत पैदा कर देती हैं. उक्त कहावत प्रखंड की धनाव पंचायत के बभंडी गांव के ग्रामीणों ने चरितार्थ कर दिखाया है. सड़क की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने सांसद, विधायक, स्थानीय अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगायी, लेकिन आश्वासन के सिवा ग्रामीणों को कुछ भी नहीं मिला. इससे नाराज ग्रामीणों ने श्रमदान से लगभग एक किलोमीटर की दूरी तक गांव से लेकर नासरीगंज-राजपुर मुख्य सड़क तक लगभग 50 हजार रुपये चंदा इकट्ठा कर श्रमदान से मिट्टी भराई कर कच्ची सड़क का निर्माण कर लिया. केंद्र व राज्य सरकार की प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना गांवों में किस कदर परवान चढ़ रही है, इसका जीता-जागता उदहारण बभंडी गांव में देखने को मिला. इस गांव में सौ घरों में लगभग दो हजार लोग निवास करते हैं. जहां की सड़क पर हल्की बरसात होने पर भी जलजमाव से पैदल कौन कहे, इस रास्ते से होकर साइकिल व मोटरसाइकिल सवारों को भी पार करने में पसीने छूट जाते है. ग्रामीण चंदन कुशवाहा, दिनेश्वर सिंह, चंद्रदेव सिंह, पिंटू कुमार, उमेश कुमार, सत्येंद्र सिंह, श्रीनिवास सिंह, अनंत सिंह, चंद्रदेव सिंह, ज्वाला कुमार, वशिष्ठ सिंह, अभिषेक सिंह, दिनेश्वर सिंह, अमन कुमार ने बताया कि बीते कई सालों से गांव में जाने का रास्ता खराब है. छात्र, नौजवान, बच्चे, बूढ़े खराब सड़कों के सहारे पानी में घुसकर कीचड़ में आने जाने को मजबूर थे. इसी रास्ते से होकर छात्र छात्राओं को विद्यालय पढ़ने जाना पड़ता था. पंचायत के मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, नेताओं व अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बाद भी इस समस्या का हल नहीं हुआ, तो अंत में गांव के ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर और श्रमदान देकर गांव से नासरीगंज-राजपुर मुख्य सड़क तक लगभग एक किलोमीटर की दूरी तक मिट्टी की भराई कर कच्ची सड़क बनायी. लोगों ने बताया कि कच्ची सड़क बनाने से सैकड़ों लोगों को फायदा मिलेगा. बच्चे, नौजवान सभी इस सड़क से लाभ उठायेंगे. ग्रामीणों ने बताया कि जल्द से जल्द अगर पक्की सड़क नहीं बनायी गयी, तो हम लोग आने वाले चुनाव में वोट का भी बहिष्कार करेंगे. गांव के बाहर रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगाकर वोट का बहिष्कार करेंगे. ग्रामीणों ने पंचायत की मुखिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद पंचायत की मुखिया का इस गांव में कोई भी कार्य नहीं हुआ है और ना ही कभी घूमने आते हैं. इस संबंध में पूछे जाने पर मुखिया अफसाना खातून ने बताया कि ग्रामीणों का गांव में जाने का रास्ता विवादित है और विवादित जगह पर कार्य कैसे कराया जायेगा. गांव के मंदिर के पास भी कार्य करवाना है, अन्य कार्य भी हुए हैं. ग्रामीणों का आरोप गलत हैं कि इस गांव में कोई कार्य मुखिया द्वारा नहीं कराया गया हैं. गांव में कई योजनाएं के तहत कार्य किया गया हैं. बताते चले कि इसी पंचायत के मुखिया को पंचायत में अच्छे कार्य करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा कुछ दिन पूर्व सम्मानित किया गया था.

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