अच्छी पहल: स्कूल और समाजसेवी ने छात्रों के लिए किया बस का इंतजाम फोटो-20- एक परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते परीक्षार्थी. प्रतिनिधि, सासाराम कार्यालय जिले में परीक्षा का माहौल चल रहा है. सीबीएसइ के साथ बिहार बोर्ड की परीक्षा भी संचालित हो रही है. जिला मुख्यालय और तीनों अनुमंडल मुख्यालयों के 10 स्कूलों में सीबीएसइ की, तो 61 सरकारी व निजी स्कूलों में बिहार बोर्ड की परीक्षाएं संचालित हो रही हैं. यानी कुल 71 स्कूलों में परीक्षाएं हो रही है. इन दोनों परीक्षाओं में सीबीएसइ के करीब चार हजार और बिहार बोर्ड के करीब 52 हजार परीक्षार्थी वर्तमान में परीक्षा देने में व्यस्त हैं. बिहार बोर्ड की परीक्षा में दूसरे दिन 901 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. सीबीएसइ परीक्षा का कोई आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया जा सका है. इस वर्ष की परीक्षा में एक बात सामने आयी है कि शहरों में सड़क जाम की समस्या से बचाने की बात कहें या फिर छात्रों की सहूलियत के लिए समाजसेवी और स्कूल समाने आये और अपने बच्चों के लिए बस का इंतजाम किया. शायद यह पहली बार हुआ है, जिसकी पहल सासाराम शहर के एबीआर फाउंडेशन स्कूल ने सीबीएसइ की इस परीक्षा में की. उसने अपने बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम किया था. स्कूल के निदेशक पृथ्वी पाल सिंह ने कहा था कि शहर में बढ़ी भीड़ और बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका के मद्देनजर छात्रों को केंद्र तक पहुंचाने के लिए बस का इंतजाम किया. तो, वहीं बिहार बोर्ड की परीक्षा में अपने पंचायत पोखराहा के स्कूल के बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए पंचायत के मुखिया सुजीत कुमार उर्फ टिंकू सिंह ने बस का इंतजाम किया. उनका भी यही कहना था कि सड़क पर जाम की स्थिति और दिन पर दिन बढ़ती सड़क दुर्घटना के मद्देनजर यह व्यवस्था लाया गया. ताकि बच्चे बिना टेंशन के परीक्षा देने जाएं.
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