मृतक के दो नाबालिग बच्चों का आखिर कौन होगा पालनहार फोटो -27- रुपहंथा गांव में मृतक विकास यादव के घर पर रोते-बिलखते परिजन. प्रतिनिधि, तिलौथू अमझोर थाना क्षेत्र के रुपहंथा गांव निवासी विकास यादव उर्फ विक्की की हत्या के बाद पूरे परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना के संबंध में बताते चले कि नवीनगर थाना क्षेत्र के गोगो नामक जगह पर 30 वर्षीय विकास यादव रहकर निजी क्लीनिक चलाते थे व अपने परिवार को नबीनगर के बसंत बिगहा मुहल्ले में किराये रखे हुए थे. मृतक के साढू औरंगाबाद के तेंदुआ परसिया गांव निवासी अमरजीत कुमार ने बताया कि विकास प्रतिदिन की तरह शुक्रवार की देर शाम अपना निजी क्लीनिक बंद करके अपने डेरा मोटरसाइकिल से वापस जा रहे थे कि रास्ते में अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. साथ ही उनके शव को नवीनगर थाना क्षेत्र के केवला फाटक के समीप झाड़ी में फेंक दिया. जब उन्हें डेरा पर पहुंचने में देर हुई, तो उनकी पत्नी ने मोबाइल पर बार-बार फोन किया. लेकिन, फोन रिसीव नहीं हो पा रहा था. सुबह में पता चला कि किसी का झाड़ी में शव फेंका हुआ है. यह सुन जब परिजन वहां पहुंचे, तो वह विकास यादव का ही शव पड़ा था. मृतक विकास के दो छोटे-छोटे बेटे हैं. बड़ा बेटा आयुष 6 वर्ष का है, जबकि दूसरा छोटा बेटा अनमोल 4 वर्ष का है. वहीं, वृद्ध पिता अवधेश यादव का इस बुढ़ापे में कंधे का सहारा छिन गया, तो वहीं पत्नी प्रभा देवी रो-रो कर बार-बार बेहोश हो जा रही थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इनके दो छोटे-छोटे बच्चों का भरण पोषण आखिर कौन करेगा. विकास यादव चार भाई बदन हैं. दो भाई व दो बहन हैं. इसमें विकास यादव दूसरे नंबर पर थे. दोनों बहनों की शादी हो गयी है, जबकि छोटा भाई मनीष यादव रुपहंथा गांव में ही रहकर पढ़ाई लिखाई व पिता के साथ खेती किसानी किया करते हैं. इनके दरवाजे पर सैकड़ों ग्रामीण शव आने का इंतजार कर रहे थे, वहीं लोगों को मृतक विकास यादव के दो नाबालिग बच्चों व पत्नी की चिंता सता रही थी.
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