सासाराम,आरा-पटना पथ निर्माण की गति धीमी, डीएम ने एनएचआइ के अधिकारियों को लगायी फटकार
SASARAM NEWS.सासाराम–आरा–पटना ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-119ए) का कार्य धीमी गति से चलने पर गुरुवार को जिलाधिकारी उदिता सिंह ने स्थल निरीक्षण कर एनएचएआइ अधिकारियों को कड़ी फटकार लगायी.
सासाराम,आरा-पटना पथ निर्माण की गति धीमी, डीएम ने एनएचआइ के अधिकारियों को लगायी फटकार
पथ निर्माण की प्रगति देखने के लिए स्थल पर पहुंचीं डीएम
40 किलोमीटर लंबी परियोजना में महज आठ किलोमीटर का हुआ है कार्य
सासाराम नगर.
सासाराम–आरा–पटना ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-119ए) का कार्य धीमी गति से चलने पर गुरुवार को जिलाधिकारी उदिता सिंह ने स्थल निरीक्षण कर एनएचएआइ अधिकारियों को कड़ी फटकार लगायी. निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जतायी.निरीक्षण में पाया गया कि काराकाट अंचल में चल रहे क्लीनिंग एंड ग्रबिंग (सी एंड जी) कार्य में केवल एक ग्रेडर और चार जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परियोजना की गति प्रभावित हो रही है. जबकि गेहूं कटाई के बाद अधिग्रहित भूमि पूरी तरह कार्य के लिए उपलब्ध है. डीएम ने कहा कि लगभग 40 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में अब तक केवल आठ किलोमीटर क्षेत्र में ही सीएंडजी कार्य पूरा हो सका है, जो धीमी प्रगति को दर्शाता है. उन्होंने एनएचएआइ के परियोजना निदेशक को निर्देश दिया कि अतिरिक्त मशीनरी, उपकरण और कार्यबल की तैनाती कर कार्य में तेजी लायी जाए.उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि पूरा सी एंड जी कार्य हर हाल में 30 अप्रैल तक पूरा किया जाए. साथ ही, तैयार मार्ग पर फ्लाई ऐश डालने का कार्य जून के प्रथम सप्ताह तक सुनिश्चित करने को कहा, ताकि परियोजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके. डीएम ने यह भी कहा कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जायेगा और सभी तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन किया जाये. साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
ग्रामीणों ने उठाया मुआवजे का मुद्दा
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण डीएम से मिलने पहुंचे और मुआवजे को लेकर अपनी समस्याएं रखीं. ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे और अंदर की भूमि का मुआवजा एक समान दिया जा रहा है, जिससे असंतोष है. इस पर डीएम ने कहा कि मुआवजे से संबंधित शिकायतें ऑर्बिट्रेशन प्रक्रिया में भेजी जा सकती हैं और इसके लिए पटना जाने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने आश्वासन दिया कि उचित मुआवजा दिलाने में प्रशासन मदद करेगा और इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में कैंप लगाये जा रहे हैं.
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