अंचल अधिकारियों व राजस्व कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
पैतृक संपत्ति की बिक्री के लिए अब आपसी बंटवारा और वंशावली अनिवार्य
सासाराम ग्रामीण.
जिले में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पारदर्शी व विवादमुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से जारी नये दिशा-निर्देशों को लागू करने की तैयारी डेहरी, सासाराम व बिक्रमगंज निबंधन कार्यालय में तेज हो गयी है. शुक्रवार (15 मई) से यह नयी व्यवस्था प्रभावी हो जायेगी. इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी गयी है. इसकी जानकारी प्रभारी जिला अवर निबंधन पदाधिकारी सह डेहरी सब रजिस्ट्रार योगेश त्रिपाठी ने दी. उन्होंने बताया कि जिले के सभी अंचल अधिकारियों व राजस्व कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. नये नियमों के तहत अब जमीन बेचने वाले व्यक्ति के नाम पर स्पष्ट और अद्यतन (अपडेट) जमाबंदी होना अनिवार्य है. यदि किसी व्यक्ति के नाम पर वैध जमाबंदी नहीं होगी, तो उस जमीन की रजिस्ट्री किसी भी स्थिति में संभव नहीं होगी. इस कदम से भू-फर्जीवाड़ा और एक ही जमीन को कई बार बेचे जाने जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगने की उम्मीद है.पैतृक संपत्ति के लिए वंशावली जरूरी
नये प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी पैतृक संपत्ति बेचना चाहता है, तो उसे पहले परिवार के सदस्यों के बीच आपसी सहमति से बंटवारा करना होगा या वैध वंशावली तैयार करनी होगी. इसके आधार पर विक्रेता के नाम पर अलग जमाबंदी दर्ज की जायेगी, तभी वह जमीन बेच पायेगा. राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे वंशावली निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी रखें, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो.
दाखिल-खारिज के निबटारे में तेजी
जमीन मालिकों की जमाबंदी समय पर अपडेट हो सके, इसके लिए अंचल कार्यालयों में विभाग ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निबटाने का निर्देश दिया है. विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जायेगी. अब रजिस्ट्री कार्यालयों में हर दस्तावेज की गहन जांच की जा रही है, जिससे खरीदारों को धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलेगी.
