बेटियों की शादी पर गहराया गैस संकट, चार सिलिंडर के लिए भी मशक्कत, बढ़ी सख्ती
प्रति सिलिंडर 4800 की सिक्योरिटी मनी ने बढ़ायी चिंता, निम्न वर्ग ने बनाया वैकल्पिक
शादी कार्ड के साथ देना होगा आवेदन, जांच के बाद ही अस्थायी कनेक्शन की मिलेगी मंजूरी
प्रति सिलिंडर 4800 की सिक्योरिटी मनी ने बढ़ायी चिंता, निम्न वर्ग ने बनाया वैकल्पिक
फोटो -1- नगर पंचायत चेनारी में भारत गैस एजेंसी प्रतिनिधि, चेनारी
पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उत्पन्न एलपीजी की भारी किल्लत के बीच प्रशासन ने बेटियों की शादी के लिए विशेष व्यवस्था की है. वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने वालों को अधिकतम चार कॉमर्शियल गैस सिलिंडर उपलब्ध कराये जा रहे हैं. यह आपूर्ति वैवाहिक कार्यक्रम से दो दिन पहले नजदीकी संबंधित गैस एजेंसी के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है. इसके लिए आवेदक को अनुमंडल कार्यालय में आवेदन के साथ शादी का कार्ड जमा करना होगा. आवेदन में नजदीकी गैस एजेंसी का नाम, खपत होने वाले सिलिंडरों की संख्या और मेहमानों की अनुमानित संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य है. जांचोपरांत प्रशासन तय करेगा कि किसे कितने सिलिंडर दिये जाने हैं, हालांकि किसी भी हाल में चार से अधिक सिलिंडर नहीं मिलेंगे.
अस्थायी कनेक्शन और भारी सिक्योरिटी
गैस उपयोग के लिए आवेदकों को प्रशासन द्वारा चिह्नित एजेंसी से अस्थायी गैस कनेक्शन लेना होगा. इसके लिए पहचान पत्र की छाया प्रति अनिवार्य है. प्रशासन द्वारा स्वीकृत सिलिंडरों के लिए 4800 रुपये प्रति भरा सिलिंडर की दर से संबंधित एजेंसी के पास सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी. कार्यक्रम के बाद खाली सिलिंडर वापस करने पर 2400 रुपये प्रति सिलिंडर की दर से राशि लौटा दी जायेगी और अस्थायी कनेक्शन रद्द कर दिया जायेगा. प्रशासन ने अपील की है कि खाली सिलिंडर तुरंत लौटाएं, ताकि रिफिलिंग कर अन्य आवेदकों को राहत दी जा सके. इन कॉमर्शियल सिलिंडरों का वजन 19 किलोग्राम निर्धारित है.
महंगाई की मार के बीच कोयला और लकड़ी बने सहारा
निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह व्यवस्था काफी महंगी साबित हो रही है. यदि प्रशासन चार सिलिंडर की मंजूरी देता है, तो आवेदक को 19200 रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा करने होंगे. बेटियों की शादी के लिए कर्ज लेकर खर्च जुटाने वाले परिवारों के पास नकदी की भारी कमी होती है. ऐसी स्थिति में इस वर्ग के लिए गैस सिलिंडर से कहीं सस्ता लकड़ी, कोयला और उपले पड़ रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसी पारंपरिक ईंधन को प्राथमिकता दे रहे हैं.
एजेंसी स्तर पर तैयारी
इस संबंध में राजमणि गैस एजेंसी के ऑपरेटर ऋषि केश कुमार ने बताया कि भारत गैस एजेंसी चेनारी में अब तक लगभग 15-20 आवेदन प्राप्त हुए हैं. 21 मई तक आयोजित होने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए आवेदकों को गैस उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर दी गयी है. निर्धारित नियमों के तहत ही आरोपितों या उपभोक्ताओं को सिलिंडर वितरित किये जा रहे हैं, ताकि आपूर्ति शृंखला बनी रहे.