अब स्कूलों में वरीयता के आधार पर तय होंगे प्रभारी प्रधानाध्यापक

निर्देश जारी. 15 दिसंबर तक देनी होगी शिक्षकों की वरीयता विवरणी

सासाराम ऑफिस. रोहतास जिले के सभी राजकीयकृत, प्रोजेक्ट व उत्क्रमित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक की आपसी वरीयता निर्धारण संबंधी महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. सचिव शिक्षा विभाग, पटना द्वारा 22 नवंबर 2025 को निर्गत आदेश के आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा प्रियंका कुमारी ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी स्कूलों को 15 दिसंबर 2025 तक वरीयता विवरणी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. जारी आदेश के अनुसार, जिन स्कूलों में प्रमंडलीय संवर्ग के सहायक शिक्षक (जो मरणशील संवर्ग है) पदस्थापित हैं, उन्हें स्थानीय निकाय शिक्षक (नियोजित शिक्षक), विशिष्ट शिक्षक व स्कूल अध्यापक से वरीय माना जायेगा. ऐसे ही प्राथमिक व मध्य स्कूलों में जिला संवर्ग के सहायक शिक्षक को वरीयता प्राप्त होगी. जिन स्कूलों में प्रमंडलीय संवर्ग के सहायक शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां प्रधानाध्यापक का प्रभार देने के लिए तय मापदंड लागू होंगे. इसके तहत माध्यमिक स्तर पर संबंधित शिक्षक को कम से कम आठ वर्ष का कक्षा 9 और 10 का अध्यापन अनुभव तथा उच्च माध्यमिक स्तर पर चार वर्ष का कक्षा 11 और 12 का अध्यापन अनुभव होना अनिवार्य किया गया है. इसी अर्हता के आधार पर स्कूल के सबसे वरीय शिक्षक को प्रधानाध्यापक का प्रभार दिया जायेगा. यदि एक से अधिक शिक्षक पात्र हों तो उनकी वरीयता जन्म तिथि के आधार पर तय होगी. जन्म तिथि समान होने पर अंग्रेजी शब्दकोश के अनुसार नाम की वर्णानुक्रम में प्राथमिकता तय की जायेगी. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विशिष्ट शिक्षक और स्कूल अध्यापक की पूर्व प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में सेवा की गणना संबंधित प्रमाणों के आधार पर की जायेगी. विद्यालय प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वे समय सीमा के अंदर सभी शिक्षकों का पदस्थापन विवरण, वरीयता सूची व अभ्युक्ति कॉलम में अवकाश पर गये, निलंबित, दंडित या विभागीय कार्रवाई के अधीन शिक्षकों का उल्लेख अनिवार्य रूप से भेजें. प्रभार ग्रहण करने से इन्कार करते हैं, तो होगी कार्रवाई जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा ने जारी पत्र में चेतावनी दी है कि यदि वरीय शिक्षक बिना किसी उचित कारण के प्रभार ग्रहण करने से इन्कार करते हैं, तो इसे विभागीय आदेश का उल्लंघन माना जायेगा. और उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. भविष्य में निरीक्षण या शिकायत की स्थिति में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पायी जाती है, तो वर्तमान प्रभारी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई तय है. इस आदेश की प्रतिलिपि जिले के सभी स्कूलों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी गयी है ताकि, इसका समय पर पालन सुनिश्चित हो सके. जारी निर्देशों के बाद अब जिले के सभी स्कूलों में प्रभारी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता आने की उम्मीद की जा रही है.

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Published by: Panchdev kumar

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