डेहरी के सुजानपुर वेलनेस सेंटर को मिला बिहार में पहला स्थान

Sasaram news.जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने और उन्हें अंतिम पायदान के लोगों तक पहुंचाने के लिए विभाग विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहा है.

सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की कवायद कायाकल्प में एक पीएचसी व तीन एचडब्ल्यूसी को मिला एनक्वास सर्टिफिकेट

फोटो-17-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सुजानपुर.

प्रतिनिधि, सासाराम सदर

जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने और उन्हें अंतिम पायदान के लोगों तक पहुंचाने के लिए विभाग विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहा है. खासकर, पंचायत स्तर पर स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों (एचडब्ल्यूसी) पर विभाग की विशेष नजर है. प्रखंड स्तर के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा पंचायत स्तर पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का दो महीने पूर्व मरीजों का अधिकार, सपोर्ट सर्विसेज, इनपुट, क्लिनिकल सर्विसेज, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन ओपीडी, पैथोलॉजिकल जांच, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के लिए बैठने व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सहित कुल एक दर्जन के आसपास मानकों के तहत एनक्वास (नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड) को लेकर राज्यस्तरीय असेसमेंट किया गया था. राज्यस्तर पर एनक्वास असेसमेंट करने के साथ ही इन अस्पतालों को मानक के अनुरूप मार्क्स दिया गया था. इसमें दावथ प्रखंड के सेमरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को 92, बिक्रमगंज प्रखंड स्थित मोहनी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को 90 और काराकाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 88.84 अंक प्राप्त हुआ था. वहीं, सुजानपुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर 94 अंक के साथ बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. जिले के इन चारों अस्पतालों को राज्य स्तर पर एनक्वास सर्टिफिकेट मिला है.

जिले के सात केंद्रों को मिला राज्यस्तरीय प्रमाणपत्र

जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास के लिए तैयार किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2025 तक जिले के 50 स्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास कराने का लक्ष्य रखा है. इसके आलोक में अब तक सात स्वास्थ्य केंद्रों को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड यानी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र से नवाजा जा चुका है. जिले के दावथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रोहतास प्रखंड के रसूलपुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और सासाराम प्रखंड के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बौलिया को पहले ही राज्यस्तरीय प्रमाणपत्र मिल चुका है.

कई अन्य केंद्रों का परिणाम आना बाकी

जिला कंसल्टेंट क्वालिटी एश्योरेंस डॉ राजीव कुमार ने बताया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ पंचायत स्तर पर मौजूद हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का लगातार कायाकल्प किया जा रहा है. ताकि सभी केंद्रों का एनक्वास करवाया जा सके. उन्होंने बताया कि जिले में लगभग डेढ़ दर्जन के आसपास ऐसे केंद्र है जिनका असेसमेंट किया जा चुका है और उनके परिणाम आना बाकी है. उन अस्पतालों को भी तैयार किया जा रहा है. राज्य स्तरीय असेसमेंट के बाद राष्ट्रीय असेसमेंट की प्रक्रिया की जाएगी. वही रोहतास सिविल सर्जन डॉ मणिराज रंजन ने बताया कि सरकारी अस्पतालों को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है और इसका बेहतर परिणाम देखने को मिल रहा है. सरकारी अस्पतालों में बढ़ी सुविधाओं की वजह से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है. अब पंचायत स्तर के भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर लोग इलाज और जांच के लिए पहुंच रहे हैं. उन्होंने बताया कि सरकार की जो सोच थी कि लोगों को उनके घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधा मुहैया हो इसमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

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Published by: Anurag sharan

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