सात साल से नहीं हुआ वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव

Sasaram news. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू) छात्र संघ चुनाव करीब सात साल से नहीं हुआ है. इसको लेकर छात्र संघों व छात्र नेताओं का गुस्सा लगातार उबाल मार रहा है. वर्ष 2018 के बाद से छात्र राजनीति पूरी तरह ठप पड़ी है.

अनदेखी. वर्ष 2018 से ठप है छात्र राजनीति, प्रतिनिधित्व के बिना छात्र बेहाल

नाराजगी में छात्र बोले-विश्वविद्यालय कैंपस में लोकतंत्र की हो रही है हत्या

फोटो-14- छात्र नेता व अन्य.

ए- सूरज सिंह, छात्र नेता सह विभाग संयोजक अभाविप.

बी- रौशन पांडेय, छात्र नेता सह जिला संयोजक अभाविप सासाराम.

सी- यमीन अहमद कबीरी, छात्र नेता सह जिला संयोजक एआइएसएफ.

डी- बब्लू राज, छात्र नेता सह प्रभारी वीकेएसयू आरा व रोहतास एआइएसएफ बिहार.

प्रतिनिधि, सासाराम ऑफिसवीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू) छात्र संघ चुनाव करीब सात साल से नहीं हुआ है. इसको लेकर छात्र संघों व छात्र नेताओं का गुस्सा लगातार उबाल मार रहा है. वर्ष 2018 के बाद से छात्र राजनीति पूरी तरह ठप पड़ी है. इसके कारण छात्रों की समस्याएं अनसुनी रह जा रही हैं और प्रतिनिधित्व का अभाव गहरी निराशा पैदा कर रहा है. जहां छात्र संगठनों व छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जान-बूझ कर चुनाव की प्रक्रिया को टालता आ रहा है. छात्र संघ के कई नेता और छात्र संगठन इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन मान रहे हैं. वहीं, छात्रों का कहना है कि पुस्तकालय, छात्रावास, परीक्षाओं में देरी और परिणाम में अनियमितता जैसी समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं. लेकिन, इन मुद्दों को उठाने वाला कोई जनप्रतिनिधि ही नहीं है.

विश्वविद्यालय की चुप्पी पर सवाल

छात्र-छात्राओं सुहानी, आरोही, रोमा, खुशी, निधि, हैप्पी, उज्ज्वल, परदेस, अनिष, कमल, शिवम, आदर्श, रोहित, आर्यन आदि का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन हर बार सिर्फ इतना कहता है कि समय आने पर चुनाव होंगे. लेकिन पिछले सात वर्षो में न कोई तारीख तय की गयी और न ही कोई अधिसूचना जारी हुई.

छात्र संगठनों की चेतावनी

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआइएसएफ) सहित अन्य कई छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों में व्यापक आंदोलन कर अपनी बात रखने का कार्य किया जायेगा.

दबायी जा रही है छात्रों की आवाज

1. पिछले सात साल में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव नहीं हुआ है. इसके कारण लाखों छात्रों की आवाज को दबा कर विश्वविद्यालय के अधिकारी भ्रष्टाचार में संलिप्त होकर छात्रसंघ कोष और भी कई तरह के पैसों की बंदरबांट कर रहे हैं. वे जानते हैं कि जब छात्र प्रतिनिधि चुनाव जीत कर आयेंगे, तो इन सभी मुद्दों पर सवाल करेंगे, जिसका जवाब इनके पास नहीं होगा.

सूरज सिंह, छात्र नेता सह विभाग संयोजक अभाविप2. रोहतास जिले के सभी कॉलेजों में जल्द से जल्द स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई शुरू किया जाये, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए यहां से बाहर न जाना पड़े. लेकिन इसको लेकर मांग या सवाल करने के लिए कोई मंच नहीं है, जहां हम अपनी बात रख सकें. विश्वविद्यालय और उससे संबंधित कॉलेजों में छात्र हित की कोई सुनवाई नहीं हो रही है. ये लोकतंत्र की हत्या है.

रौशन पांडेय, छात्र नेता सह जिला संयोजक अभाविप सासाराम3. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव का न होना केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक चिंता है. छात्रों की आवाज को मंच से दूर करना शिक्षा की आत्मा को कमजोर करता है. विश्वविद्यालयों में लोकतंत्र की पहली अनुभूति छात्र राजनीति ही होती है. इसे दबाना किसी भी रूप में उचित नहीं कहा जा सकता. इसलिए विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द चुनाव कराया जाना चाहिए.

यमीन अहमद कबीरी, छात्र नेता सह जिला संयोजक एआइएसएफ.

4. 2018 के बाद अब तक चुनाव नहीं होना साफ दिखाता है कि प्रशासन छात्र आवाज को दबाना चाहता है. छात्र संघ लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है और उसी को खत्म कर दिया गया है. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में पटना विश्वविद्यालय की तर्ज पर प्रतिवर्ष छात्र संघ चुनाव सुनिश्चित किए जाएं ताकि छात्र-हित की आवाज को उचित मंच मिल सके और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बना रहे.

बब्लू राज, प्रभारी वीकेएसयू आरा व रोहतास एआइएसएफ बिहार.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anurag sharan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >