Sasaram News : रोहतास के सासाराम में सोमवार को पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में भाकपा-माले लिबरेशन, छात्र संगठन आईसा और युवा संगठन आरवाईए के नेतृत्व में "छात्र-युवा आक्रोश दिवस" मनाया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-युवा और संगठन के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.
रेलवे स्टेशन से निकला आक्रोश मार्च
आक्रोश मार्च की शुरुआत सासाराम रेलवे स्टेशन परिसर से हुई. प्रदर्शनकारी शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पोस्टऑफिस चौक पहुंचे. मार्च के दौरान छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बहाल करने, पेपर लीक पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की.
'पेपर लीक से बर्बाद हो रहा युवाओं का भविष्य'
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का विश्वास कमजोर हो रहा है और युवाओं में निराशा बढ़ रही है.
नुक्कड़ सभा में सरकार से उठी बड़ी मांग
पोस्टऑफिस चौक पर आयोजित नुक्कड़ सभा में वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि छात्रों का भरोसा बहाल हो सके.
शिक्षा सुधार के संकल्प के साथ कार्यक्रम समाप्त
सभा के अंत में छात्र-युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, भ्रष्टाचार पर रोक और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. आयोजकों ने कहा कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
