जिले में स्वगणना शुरू, मकानों की गणना दो मई से
SASARAM NEWS.17 अप्रैल से स्व-गणना का कार्य जिले में शुरू हो गया है. जिला प्रशासन ने कुल जनगणना का 30 प्रतिशत कार्य स्व-गणना के माध्यम से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
30 प्रतिशत रखा गया है स्वगणना का लक्ष्य, व्यक्तियों की गिनती 2027 में होगी शुरू
जनगणना 2027 होगी पूरी तरह डिजिटल, एक मोबाइल नंबर से एक परिवार की जेनरेट होगी आइडी
सासाराम नगर.1
7 अप्रैल से स्व-गणना का कार्य जिले में शुरू हो गया है. जिला प्रशासन ने कुल जनगणना का 30 प्रतिशत कार्य स्व-गणना के माध्यम से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में भारत की प्रस्तावित जनगणना 2027 के प्रथम चरण, मकान सूचीकरण को लेकर प्रेसवार्ता आयोजित की गयी. प्रधान जनगणना अधिकारी सह डीएम उदिता सिंह ने बताया कि जनगणना 2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें कागजी प्रक्रिया के बजाय मोबाइल एप के माध्यम से डाटा संग्रह किया जायेगा.उन्होंने बताया कि प्रथम चरण दो मई से 31 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक मकान की स्थिति, संरचना, उपयोग व सुविधाओं की जानकारी एकत्र की जायेगी. यह डाटा भविष्य की योजनाओं के निर्माण में सहायक होगा.स्व-गणना की प्रक्रिया पर जोर देते हुए डीएम ने बताया कि पहली बार नागरिक स्वयं अपनी जानकारी se.census.gov.in पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं. इसके लिए परिवार का मुखिया मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर आवश्यक विवरण भर सकता है. स्व-गणना की अवधि 17 अप्रैल से एक मई तक निर्धारित है. इसके बाद दो मई से गणनाकार घर-घर जाकर सर्वे करेंगे.उन्होंने आम जनता से अपील की कि अधिक से अधिक लोग स्व-गणना में भाग लें, जिससे समय की बचत के साथ डाटा की शुद्धता सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े ही विकास योजनाओं व संसाधनों के वितरण का आधार होते हैं.
डाटा सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन तकनीक का होगा उपयोग
डीडीसी विजय कुमार पांडेय ने बताया कि डाटा सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक एन्क्रिप्शन तकनीक का उपयोग किया जायेगा और नागरिकों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जायेगी.जनगणना पोर्टल व मोबाइल एप को 16 भाषाओं में उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग कर सकें. उन्होंने बताया कि 2011 की जनगणना में जिले में 4.60 लाख हाउसहोल्ड थे, जो अब बढ़ने की संभावना है.स्व-गणना में एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार की आइडी बनेगी, जिसका उपयोग अन्य परिवार के लिए नहीं किया जा सकेगा.