Rohtas News: जिले के नासरीगंज में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने और स्वास्थ्य सुविधाओं को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से प्रशासनिक टीम ने मंगलवार को सघन अभियान चलाया. एसडीएम दिलीप कुमार ने नासरीगंज शहर के थाना मोड़ स्थित चांदनी अल्ट्रासाउंड सेंटर का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने केंद्र पर उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं, आवश्यक अभिलेखों, रजिस्टरों और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की. जांच में कुछ व्यवस्थागत कमियां सामने आईं, जिन्हें तय समय सीमा के अंदर मानकों के अनुरूप सुधारने का सख्त निर्देश संचालक को दिया गया.
नियमों के अनुपालन का सख्त निर्देश
निरीक्षण के बाद एसडीएम दिलीप कुमार ने कहा कि "केंद्र संचालक सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त रखें और निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें." उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि "मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए."
चार अल्ट्रासाउंड केंद्रों की हुई सघन जांच
दूसरी ओर, सिविल सर्जन के निर्देश पर प्रखंड और नगर क्षेत्र में एक संयुक्त टीम गठित कर अल्ट्रासाउंड केंद्रों का व्यापक निरीक्षण किया गया. इस संयुक्त जांच टीम का नेतृत्व बीडीओ मो. नौशाद आलम सिद्दीकी, सीओ अंचला कुमारी, थानाध्यक्ष अविनाश कुमार और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एनके आर्या ने किया. टीम ने नगर क्षेत्र के तीन और ग्रामीण इलाके के एक केंद्र का औचक जायजा लिया. जांच के दौरान केंद्रों की स्वच्छता, मरीजों के बैठने की व्यवस्था, सोनोलॉजिस्ट की मौजूदगी और वैधानिक पंजीकरण की स्थिति की बारीकी से जांच की गई.
दो केंद्रों पर नहीं मिले सोनोलॉजिस्ट
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) डॉ. एनके आर्या ने बताया कि "नगर स्थित श्री इमेजिंग अल्ट्रासाउंड, चांदनी अल्ट्रासाउंड, नेशनल अल्ट्रासाउंड (पोस्टल रोड) और इटिमहां स्थित अशोक सिंह डायग्नोसिस का निरीक्षण किया गया." उन्होंने बताया कि "जांच में सभी चारों केंद्र वैधानिक रूप से पंजीकृत पाए गए, लेकिन श्री इमेजिंग और नेशनल अल्ट्रासाउंड केंद्र पर सोनोलॉजिस्ट उपस्थित नहीं थे." संचालकों ने दोपहर 2 बजे के बाद डॉक्टर के आने की बात कही, जिस पर प्रशासन ने दोनों केंद्रों को सोनोलॉजिस्ट की नियमित और समयबद्ध उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की चेतावनी दी.
अवैध क्लीनिकों और दवा दुकानों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने सभी संचालकों को मरीजों के बैठने और साफ-सफाई की फुलप्रूफ व्यवस्था रखने का कड़ा निर्देश दिया है. साथ ही चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित केंद्र के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया कि जल्द ही एक विशेष टीम बनाकर क्षेत्र के निजी क्लीनिकों और दवा दुकानों की भी औचक जांच की जाएगी और गैर-पंजीकृत या अवैध पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों को तुरंत सील किया जाएगा.
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