SCERT Sasaram Quarterly Exam 2026 : जिले के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की प्रथम क्वार्टरली परीक्षा 7 जुलाई से शुरू होगी. इसको लेकर राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है. सभी स्कूलों को निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार परीक्षा आयोजित कराने का निर्देश दिया गया है. खास बात यह है कि कक्षा 1 और 2 के बच्चों का मूल्यांकन मौखिक रूप से होगा, जबकि कक्षा 3 से 8 तक के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी.
जारी कार्यक्रम के तहत परीक्षा 7 जुलाई से 11 जुलाई तक दो पालियों में आयोजित होगी. 7 जुलाई को पहली पाली में कक्षा 1 से 5 और दूसरी पाली में कक्षा 6 से 8 के लिए अंग्रेजी की परीक्षा होगी. 8 जुलाई को पहली पाली में कक्षा 6 से 8 के लिए विज्ञान और दूसरी पाली में संस्कृत की परीक्षा आयोजित की जाएगी. 9 जुलाई को पहली पाली में कक्षा 3 से 5 के लिए गणित तथा दूसरी पाली में कक्षा 6 से 8 के लिए गणित की परीक्षा होगी. 10 जुलाई को पहली पाली में कक्षा 3 से 8 के लिए पर्यावरण अध्ययन व सामाजिक विज्ञान और कक्षा 1-2 के लिए गणित की मौखिक परीक्षा होगी. 11 जुलाई को सभी कक्षाओं के लिए भाषा (हिंदी, उर्दू, बांग्ला) तथा अहिंदी भाषी छात्रों के लिए हिंदी विषय की परीक्षा ली जाएगी.
Sasaram News : ई-शिक्षाकोष पोर्टल से मिलेंगे प्रश्नपत्र
SCERT के निर्देशानुसार सभी प्रश्नपत्र ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे. परीक्षा के दौरान कदाचारमुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. साथ ही छात्रों को आवश्यक लेखन सामग्री के साथ समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं. प्रधानाध्यापकों को नियमित रूप से परीक्षा कक्षों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
Quarterly Exam 2026 : मिड-डे मील और पढ़ाई दोनों जारी रहेंगे
परीक्षा अवधि के दौरान मध्याह्न भोजन योजना नियमित रूप से संचालित होती रहेगी. जिन कक्षाओं की परीक्षा नहीं होगी, उनकी पढ़ाई सामान्य दिनों की तरह जारी रहेगी, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों पर असर न पड़े.
Education : सह-शैक्षणिक गतिविधियों का भी होगा मूल्यांकन
इस परीक्षा के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए सह-शैक्षणिक गतिविधियों का भी मूल्यांकन किया जाएगा. इसमें नियमित उपस्थिति, समयबद्धता, सहयोग की भावना, खेल-कूद, साफ-सफाई, नेतृत्व क्षमता, भाषण, चित्रकला और अन्य सृजनात्मक गतिविधियों को शामिल किया गया है. इन सभी के आधार पर 100 अंकों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आकलन संभव हो सके.
SCERT द्वारा जारी यह नई व्यवस्था न केवल परीक्षा को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि छात्रों के बौद्धिक के साथ-साथ उनके व्यवहारिक और रचनात्मक विकास को भी परखेगी.
