Rohtas News : राजकीय डिग्री कॉलेज सूर्यपुरा में प्राचार्य प्रो. डॉ. मो. अलाउद्दीन अजीजी की अध्यक्षता में सावन महोत्सव सह सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए.
सावन प्रकृति और आनंद से जुड़ाव का पर्व : प्राचार्य
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. डॉ. मो. अलाउद्दीन अजीजी ने सावन की हरियाली और प्रकृति के साथ सामंजस्य पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सावन आनंद और प्रकृति से जुड़ाव का पर्व है. कॉलेज में इस तरह के आयोजन प्रत्येक वर्ष कराने की बात कही. साथ ही छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए पर्यटन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की.
कॉलेज के विकास में शिक्षक और विद्यार्थी दे रहे योगदान
कॉलेज के कोषाध्यक्ष डॉ. रंजीत कुमार पांडेय ने कहा कि नये कॉलेज की नींव के रूप में शिक्षक और छात्र-छात्राएं सक्रिय होकर इसके विकास में योगदान दे रहे हैं. कार्यक्रम का संचालन हिंदी के सहायक प्राध्यापक प्रभाकर ने किया.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम सह प्रतियोगिता आयोजित की गयी. इसमें छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में चंदन कुमार, मेधा और जयशंकर प्रसाद शामिल रहे.
नंदिनी कुमारी प्रथम, मनशा कुमारी ने हासिल किया तीसरा स्थान
प्रतियोगिता में नंदिनी कुमारी ने प्रथम, नंदिनी कुमारी ने द्वितीय और मनशा कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. वहीं लवली कुमारी, मनशा कुमारी, अमन कुमार और खुशबू कुमारी ने भी सराहनीय प्रस्तुतियां दीं.
मेडल और कलम देकर प्रतिभागियों को किया सम्मानित
सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को प्राचार्य, बर्सर तथा शिक्षक रश्मि कुमारी, प्रभाकर, चंद्रकांत कुमार, अनिल, बैद्यनाथ पासवान एवं दीपक कुमार ने मेडल और कलम देकर सम्मानित किया.
जन्मदिन समारोह ने भी बढ़ायी कार्यक्रम की खुशी
कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक रश्मि कुमारी का जन्मदिन भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. धन्यवाद ज्ञापन बैद्यनाथ पासवान ने किया. मौके पर कॉलेज के करीब 50 से 60 छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं अन्य लोग मौजूद रहे.
