Sasaram News(मनोज कुमार सिंह): रोहतास जिले के सूर्यपुरा थाना क्षेत्र में साइबर ठगों का एक बेहद शातिर और नया पैंतरा सामने आया है. यहाँ स्पीड पोस्ट की डिलीवरी कराने और महज 5 रुपये भेजने के झांसे में आकर एक व्यक्ति ने अपने जीवन की गाढ़ी कमाई के 98 हजार रुपये गंवा दिए. ठगों ने पीड़ित का पूरा बैंक खाता ही हैक कर लिया. इस संबंध में पीड़ित ने स्थानीय थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है.
डिलिवरी के लिए मांगे सिर्फ 5 रुपये, पेमेंट करते ही खाली हो गया ICICI बैंक खाता
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, सूर्यपुरा थाना क्षेत्र के गोशलडीह (गोशालडीह) गांव निवासी दिनेश सिंह के साथ यह ठगी हुई है. शुक्रवार की शाम उन्होंने सूर्यपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई.
पीड़ित के साथ कैसे हुई ठगी,आइए समझते हैं:
पीड़ित दिनेश सिंह का कहीं से डाक के जरिए एक स्पीड पोस्ट आने वाला था, जिसके स्टेटस की जानकारी के लिए उन्होंने अपने मोबाइल के माध्यम से उसे ऑनलाइन ट्रैक किया था.
ट्रैकिंग के कुछ ही देर बाद पीड़ित के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया. फोन करने वाले ने खुद को डाक विभाग या डिलीवरी से जुड़ा बताकर पीड़ित को पूरी तरह विश्वास में ले लिया. उसने कहा, आपका स्पीड पोस्ट आ गया है और उसका आईडी नंबर यह है.
ठग ने दिनेश सिंह से कहा कि आपकी स्पीड पोस्ट डिलीवरी को कन्फर्म करने के लिए आपको दिए जा रहे मोबाइल नंबर पर सिर्फ 5 रुपये भेजने होंगे.
पीड़ित ने बिना किसी शक के अपने आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक खाते से मोबाइल बैंकिंग/UPI के जरिए उस नंबर पर जैसे ही 5 रुपये ट्रांसफर किए, वैसे ही साइबर ठगों ने उनका पूरा बैंक खाता हैक कर लिया. इसके तुरंत बाद खाते से 98 हजार रुपये साफ कर दिए गए.
थानाध्यक्ष बोले: तकनीकी सेल की मदद से जांच शुरू
खाते से इतनी बड़ी रकम अचानक कटने का मैसेज मोबाइल पर आते ही पीड़ित के होश उड़ गए. उन्होंने तुरंत बैंक को सूचित करने के बाद स्थानीय थाने में गुहार लगाई.
मामले की पुष्टि करते हुए सूर्यपुरा थानाध्यक्ष चंदन कुमार भगत ने बताया कि पीड़ित दिनेश सिंह के आवेदन के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि इस पूरे मामले की बारीकी से तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस की तकनीकी सेल (Cyber Cell) की मदद से उस मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द दबोचा जा सके.
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