SASARAM NEWS(संदेश जायसवाल): रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में आम जनता को त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए तैनात डायल 112 की पुलिस गाड़ी इन दिनों खुद बदहाली के आंसू बहा रही है. आलम यह है कि आपातकालीन सेवा देने वाले इस सरकारी वाहन को चालू करने के लिए पुलिसकर्मियों को स्थानीय लोगों की मदद से धक्का लगाना पड़ रहा है. गुरुवार को नगर पंचायत चेनारी स्थित डाक बंगला परिसर के बाहर जब लोगों ने पुलिस की गाड़ी को धक्का मारकर स्टार्ट होते देखा, तो वहां मजमा लग गया. इस नजारे को देखकर स्थानीय जनता ने पुलिस महकमे की कार्यशैली और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.
जब रक्षक की गाड़ी ही हो जाए लाचार, तो समय पर कैसे मिलेगी मदद?
नगर पंचायत चेनारी में इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी नाराजगी देखी गई. मौके पर मौजूद प्रबुद्ध नागरिकों ने कहा जिस आपातकालीन वाहन के भरोसे आम जनता की सुरक्षा और संकट के समय तत्काल मदद पहुंचाने की जिम्मेदारी है, अगर वही गाड़ी बीच रास्ते में दम तोड़ दे या बंद हो जाए, तो स्थिति कितनी भयावह हो सकती है. लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में कोई बड़ी आपराधिक घटना, आगजनी, या कोई मेडिकल इमरजेंसी हो जाए और यह पुलिस वाहन समय पर मौके पर नहीं पहुंच पाया, तो इसका सीधा खामियाजा निर्दोष आम जनता को भुगतना पड़ सकता है.
गाड़ी में है तकनीकी खराबी, बड़े अधिकारियों को दी गई है सूचना
सड़क पर गाड़ी को धक्का लगा रहे डायल 112 के वाहन पर तैनात पुलिसकर्मियों ने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों से गाड़ी में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई है. इसी वजह से सेल्फ काम नहीं कर रहा है और गाड़ी को धक्का देकर चालू करना पड़ रहा है. पुलिसकर्मियों के अनुसार, इस बदहाल स्थिति की लिखित और मौखिक सूचना विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी गई है. अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिला है कि जल्द ही मैकेनिक बुलाकर वाहन की मरम्मत करा दी जाएगी और इसे सुचारु रूप से चलाने योग्य बनाया जाएगा.
क्षेत्र में बना चर्चा का विषय, नई गाड़ी की उठ रही मांग
चेनारी मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों में धक्का स्टार्ट पुलिस गाड़ी का यह मामला इन दिनों आम लोगों के बीच खूब चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय बुद्धिजीवियों और व्यापारियों ने जिला पुलिस कप्तान (SP) से मांग की है कि चेनारी जैसे संवेदनशील और बड़े भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए जल्द से जल्द इस पुरानी और खराब गाड़ी को बदला जाए, या इसके स्थान पर एक नई और पूरी तरह से दुरुस्त गाड़ी उपलब्ध कराई जाए ताकि आपातकालीन पुलिस सेवा का मूल उद्देश्य प्रभावित न हो.
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