Sasaram News: ( रमेश कुमार पाण्डेय) रोहतास जिले के कोचस थाना क्षेत्र के कपसियां गांव निवासी जामवंत साधु पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मिसाल बन चुके हैं. बिना किसी लालच और शोहरत की इच्छा के उन्होंने अपने जीवन के 45 वर्ष वृक्षारोपण को समर्पित कर दिए. आज वे इलाके में “पेड़वा वाला बाबा” के नाम से प्रसिद्ध हैं. खाड़कर फेंक दिया और उन्हें भला-बुरा कहा। इन घटनाओं से उन्हें दुख जरूर हुआ, लेकिन उन्होंने अपने मिशन को कभी नहीं छोड़ा और लगातार आगे बढ़ते रहे.
शिक्षा से मिला प्रेरणा का मार्ग
स्कूल के दिनों में जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के बारे में शिक्षकों से मिली जानकारी ने उनके सोच को और मजबूत किया. उन्होंने उसी समय यह संकल्प लिया कि वे जीवन भर वृक्षारोपण करते रहेंगे ताकि मानव जीवन को सुरक्षित रखा जा सके.
सरकारी सहयोग से बढ़ी मुहिम
90 के दशक के बाद जब सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान शुरू हुआ, तब वन विभाग से उन्हें पौधे मिलने लगे. इससे उनका अभियान और तेज हो गया. उन्होंने सलथुआं राजवाहा के किनारे लगभग आठ किलोमीटर और बलथरी-कपसियां पथ पर पांच किलोमीटर तक पौधे लगाए.
दो लाख से अधिक पौधारोपण का रिकॉर्ड
अब तक जामवंत साधु दो लाख से अधिक पौधे लगा चुके हैं. उन्होंने न केवल पौधे लगाए बल्कि उनकी देखभाल कर उन्हें पेड़ों में तब्दील किया. उनके इस योगदान से इलाके में हरियाली बढ़ी है और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिली है.
जामवंत साधु का यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणा है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो अकेला व्यक्ति भी बड़ा बदलाव ला सकता है.
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