रोहतास जिले के तिलौथू प्रखंड में सोन नदी और पहाड़ी नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. तिलौथू पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर 5 और फरुखगंज इलाके में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. पानी घरों तक पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है.
100 से अधिक घर बाढ़ की चपेट में
तिलौथू पूर्वी पंचायत का वार्ड नंबर 5 पूरी तरह जलमग्न हो गया है. बाढ़ के पानी से अंबेडकर नगर, सरस्वती विद्या मंदिर, फरुखगंज और कोडर गांव का इलाका प्रभावित हुआ है. इन इलाकों में 100 से अधिक घरों पर बाढ़ का असर पड़ा है. हालांकि, अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है.
सोन और पहाड़ी नदियों के उफान से बढ़ा खतरा
सोन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. दूसरी ओर मां तुतला भवानी धाम से निकलने वाली पहाड़ी नदी भी उफान पर है. यह नदी तिलौथू पूर्वी पंचायत से होकर सोन नदी में मिलती है. दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण पानी का दबाव बढ़ गया है, जिससे तिलौथू के कई इलाकों में पानी प्रवेश कर गया है.
पानी के बीच घरों तक पहुंच रहे ग्रामीण
बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचने के बावजूद ग्रामीण पानी में प्रवेश कर अपने घरों तक जाने को मजबूर हैं. लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए लोगों में भय बना हुआ है. ग्रामीणों को आशंका है कि अगर सोन और पहाड़ी नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
सरैया गांव पर भी मंडराया बाढ़ का खतरा
तिलौथू प्रखंड का सरैया गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गया है. सोन तटीय इलाकों में प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है. ग्रामीणों को सुरक्षित रहने और नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है.
माइकिंग कर ग्रामीणों को किया जा रहा सावधान
प्रशासन की ओर से सोन तटीय इलाकों में माइकिंग कर लोगों को नदी से दूर रहने की सूचना दी जा रही है. सोन टीला पर रहने वाले लोगों से भी टीला छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गयी है. छोटे बच्चों और मवेशियों को नदी के किनारे नहीं ले जाने की विशेष हिदायत दी जा रही है.
खतरा बढ़ने पर किया जाएगा लोगों का रेस्क्यू
तिलौथू के अंचलाधिकारी उज्जवल कुमार चौबे ने बताया कि सोन तटीय क्षेत्र में आने वाली पंचायतों में माइकिंग के माध्यम से लोगों को सावधान किया गया है. उन्होंने लोगों से सोन नदी से दूर रहने और अपने मवेशियों को नदी के पास नहीं ले जाने की अपील की. साथ ही छोटे बच्चों को भी नदी किनारे नहीं जाने देने को कहा गया है.
राजस्व कर्मचारियों को निगरानी का निर्देश
सीओ ने बताया कि सोन में कटाव तेज होने या बाढ़ का खतरा बढ़ने पर लोगों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गयी है. तिलौथू पूर्वी पंचायत के प्रभावित इलाकों की निगरानी के लिए राजस्व कर्मचारी को निर्देश दिया गया है. किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका होने पर लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा.
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