रोहतास: सासाराम सदर अस्पताल में बड़ा बदलाव, अब मां से दूर नहीं रहेंगे बीमार नवजात; शुरू हुई MNCU की तैयारी

सासाराम सदर अस्पताल के एसएनसीयू को एमएनसीयू में अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे नवजात शिशुओं को इलाज के दौरान मां का साथ और बेहतर देखभाल मिल सकेगी.

Rohtas News: जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल सासाराम में गंभीर और बीमार नवजात शिशुओं के उपचार की व्यवस्था को और अधिक मानवीय व प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र (एसएनसीयू) को अब मातृ एवं नवजात देखभाल इकाई (एमएनसीयू) के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है. इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद नवजातों को इलाज के दौरान मां से अलग रखने की मजबूरी खत्म हो जाएगी और मां अपने बच्चे के पास रहकर ही उपचार प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेगी.

अब मां से दूर नहीं रहेंगे नवजात

वर्तमान व्यवस्था के तहत एसएनसीयू में गंभीर रूप से अस्वस्थ नवजातों को भर्ती कर विशेष निगरानी में उपचार दिया जाता है, जहां परिजनों का प्रवेश बेहद सीमित रहता है. लेकिन एमएनसीयू में परिवर्तित होने के बाद मां अपने नवजात के साथ पूरे समय रह सकेगी. इससे इलाज के दौरान नवजात को मां का भावनात्मक और शारीरिक संबल मिलेगा. मां की सीधी मौजूदगी से समय पर स्तनपान और कंगारू मदर केयर (केएमसी) जैसी जीवनरक्षक पद्धतियों को बिना किसी रुकावट के लागू किया जा सकेगा.

स्वास्थ्य कर्मियों को मिला पटना में प्रशिक्षण

एमएनसीयू के सफल संचालन और राष्ट्रीय मानकों के पालन को लेकर राजधानी पटना में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. इस प्रशिक्षण में सदर अस्पताल सासाराम के संबंधित अधिकारियों, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी की. कार्यशाला में एमएनसीयू से जुड़े दिशा-निर्देशों, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (NQAS), संक्रमण नियंत्रण और नवजात देखभाल की तकनीकी बारीकियों पर विस्तार से जानकारी दी गई.

कंगारू मदर केयर और संक्रमण नियंत्रण पर जोर

प्रशिक्षण में अस्पताल प्रबंधक अजय कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अजय कुमार सिंह, एसएनसीयू के नोडल पदाधिकारी सहित जीएनएम और नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया. विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि नवजात की रिकवरी में मां का स्पर्श और कंगारू मदर केयर अत्यंत प्रभावी साबित होते हैं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कमजोर और कम वजन वाले बच्चों के लिए यह व्यवस्था मील का पत्थर साबित होगी, जिससे मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवा एक साथ मिल सकेगी.

ये भी पढ़ें- प्रखंड जदयू कार्यकारिणी समिति का गठन, पांच उपाध्यक्ष, पांच महासचिव व पांच सचिव का मनोनयन

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By जितेंद्र कुमार पासवान

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >