सासाराम में उत्सव: फजलगंज न्यू स्टेडियम में शेरशाह सूरी महोत्सव का भव्य उद्घाटन, गोष्ठी, मुशायरा से गुलजार हुई शाम

SASARAM NEWS: रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम के फजलगंज न्यू स्टेडियम में गुरुवार को शेरशाह सूरी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसका उद्घाटन सदर SDO डॉ नेहा कुमारी ने किया. महोत्सव के पहले सत्र में शेरशाह सूरी के प्रशासनिक सुधारों और जीटी रोड जैसे दूरदर्शी कार्यों पर गोष्ठी का आयोजन हुआ. वहीं, दूसरे सत्र में देर शाम तक चले मुशायरे, लोक गायन और पारंपरिक आल्हा गायन की प्रस्तुतियों ने सासाराम के कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

SASARAM NEWS(प्रमोद श्रीवास्तव): रोहतास जिले के ऐतिहासिक शहर सासाराम स्थित फजलगंज न्यू स्टेडियम में गुरुवार को शेरशाह सूरी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया. इस दो दिवसीय सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि सदर एसडीओ (SDO) डॉ नेहा कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया. उद्घाटन के साथ ही पूरे स्टेडियम परिसर में उत्सव का माहौल कायम हो गया और इतिहास प्रेमियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने पहुंचे.

दो सत्रों में हुआ आयोजन: पहले सत्र में सूरी के प्रशासनिक योगदानों पर हुई गंभीर गोष्ठी

महोत्सव को बेहद सुव्यवस्थित तरीके से दो अलग-अलग ज्ञानवर्धक और सांस्कृतिक सत्रों में विभाजित किया गया था. कार्यक्रम के पहले सत्र में एक विशेष गोष्ठी (Seminer) का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य विषय ‘शेरशाह सूरी का शासनकाल, उनके प्रशासनिक योगदान तथा सांस्कृतिक विरासत’ था. गोष्ठी को संबोधित करते हुए विभिन्न विद्वानों और वक्ताओं ने कहा कि महान शासक शेरशाह सूरी का शासनकाल भारतीय इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और स्वर्णिम अध्याय है. उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था, भू-राजस्व सुधार, सड़क निर्माण और डाक व्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती देकर तत्कालीन भारत के विकास में मील का पत्थर स्थापित किया था. वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि उनके द्वारा निर्मित ‘ग्रैंड ट्रंक रोड’ (GT Road) आज भी उनकी आधुनिक व दूरदर्शी सोच का जीता-जागता प्रमाण है.

दूसरे सत्र में मुशायरे की धूम, आल्हा और लोक गायन पर झूमे दर्शक

जैसे-जैसे शाम ढली, महोत्सव का रंग और गहरा होता गया. कार्यक्रम का दूसरा सत्र पूरी तरह साहित्य और लोक कला के नाम रहा. गोष्ठी के बाद आयोजित शानदार मुशायरे ने देर रात तक श्रोताओं को कुर्सियों से बांधे रखा. नामचीन शायरों ने अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक, सूफियाना और देशभक्ति से ओत-प्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर पंडाल का माहौल भावुक और उत्साह से भर दिया, जिसपर श्रोताओं ने खूब वाहवाही बटोरी.  इसके बाद स्थानीय और आमंत्रित कला जत्था के कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक गायन और ऐतिहासिक ‘आल्हा गायन’ की वीर रस से भरी प्रस्तुतियां दी गईं. आल्हा की गूंज पर दर्शक झूमने को मजबूर हो गए और उपस्थित जनसमुदाय ने करतल ध्वनि से कलाकारों का हौसला बढ़ाया.

साहित्य प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस भव्य सूरी महोत्सव में सासाराम शहर के तमाम गणमान्य नागरिक, प्रबुद्धजीवी, साहित्य प्रेमी, इतिहासकार, रंगकर्मी, स्थानीय कलाकार और भारी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे. प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से न केवल नई पीढ़ी को सासाराम के गौरवशाली इतिहास और शेरशाह सूरी की महान विरासत को समझने का मौका मिलता है, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और लोक कलाओं को भी एक नया मंच प्राप्त होता है.

Also Read: नवादा में चौकीदार जितेंद्र पासवान हत्याकांड में बड़ा खुलासा, मुख्य आरोपी के खौफ से वारदात में शामिल हुए थे अन्य युवक

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aditya Kumar Ravi

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >