सासाराम से मो. आरिफ खान की रिपोर्ट
Rohtas News: रोहतास जिले में मुहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ ही इस्लामी नववर्ष 1448 हिजरी का आगाज हो गया है. दारुल उलूम खैरिया निजामिया द्वारा चांद की तस्दीक किए जाने के बाद बुधवार को मुहर्रम उल हराम की पहली तारीख घोषित की गई. इसके साथ ही जिले के विभिन्न इमाम चौकों पर फातिहा-नियाज, लंगर और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया है.
मुहर्रम के साथ शुरू हुआ नया हिजरी साल
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम वर्ष का पहला महीना माना जाता है और इसे चार पवित्र महीनों में शामिल किया गया है. इसी महीने की 10वीं तारीख को यौमे आशूरा मनाया जाता है. यह महीना हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में अकीदत, सब्र और इबादत के साथ मनाया जाता है.
इमाम चौकों पर शुरू हुए फातिहा-नियाज के कार्यक्रम
चांद दिखाई देने के बाद सासाराम के करनसराय, बड़ा शेखपुरा, शेरगंज समेत विभिन्न इमाम चौकों पर फातिहा-नियाज, शरबत वितरण और लंगर के कार्यक्रम शुरू हो गए हैं. कई स्थानों पर कुरानखानी, धार्मिक सभाएं और अन्य आयोजन भी किए जाएंगे.
आज निकलेगा मिट्टी का जुलूस
मरकजी मुहर्रम कमिटी के प्रधान सचिव अखलाक अहमद रिजवी ने बताया कि 18 जून की शाम शहर के विभिन्न मोहल्लों से परंपरागत मिट्टी का जुलूस निकलेगा. इसके बाद अलग-अलग तिथियों पर विभिन्न मोहल्लों के जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर कर्बला पहुंचेंगे और धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करेंगे.
25 जून को छोटी चौकी, 26 जून को बड़ी चौकी
कमिटी के अनुसार 25 जून को नौ मुहर्रम के अवसर पर छोटी चौकी (ताजिया) का जुलूस निकाला जाएगा. वहीं 26 जून को दस मुहर्रम यानी यौमे आशूरा के दिन बड़ी चौकी का जुलूस निकलेगा. इसी दौरान विभिन्न मोहल्लों से नाल साहेब भी निकाले जाएंगे, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.
27 जून को निकलेगा पहलाम का जुलूस
मरकजी कमिटी ने बताया कि 27 जून को 11 मुहर्रम के अवसर पर पहलाम का जुलूस निकलेगा. शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचेंगे, जहां धार्मिक रस्में पूरी की जाएंगी.
समय सीमा का पालन करने की अपील
मरकजी मुहर्रम कमिटी ने सभी लाइसेंसधारी खलीफाओं और जुलूस में शामिल लोगों से प्रशासन द्वारा निर्धारित समय सीमा का पालन करने की अपील की है. कमिटी ने कहा है कि सभी कार्यक्रम शांति, अनुशासन और आपसी सौहार्द के साथ संपन्न कराए जाएं.
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