पत्थर उद्योग को फिर शुरू करने की तैयारी तेज

छह सदस्यीय टीम कर रही पहाड़ों और खनन क्षेत्रों का निरीक्षण

छह सदस्यीय टीम कर रही पहाड़ों और खनन क्षेत्रों का निरीक्षण वन विभाग से एनओसी मिलते ही शुरू होगी बंदोबस्ती व आवंटन प्रक्रिया प्रतिनिधि, सासाराम सदर. खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से रोहतास जिले में बंद पड़े पत्थर उद्योग को दोबारा शुरू करने की दिशा में पहल तेज कर दी गयी है. बिहार सरकार के निर्देश पर विभाग ने छह सदस्यीय टीम का गठन किया है, जो सासाराम और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर पत्थर उद्योग से जुड़े विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर रही है. टीम पहाड़ों की स्थिति, खनन क्षेत्र, पर्यावरणीय प्रभाव और पूर्व में संचालित गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन कर रही है. जानकारों के अनुसार, रोहतास जिले में लंबे समय से पत्थर खनन कार्य बंद होने के कारण हजारों मजदूरों और कारोबारियों की आजीविका प्रभावित हुई है. अब सरकार इस उद्योग को पुनः शुरू कराने के लिए गंभीरता से काम कर रही है. इसी क्रम में विभागीय अधिकारियों द्वारा संभावित खनन क्षेत्रों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है, ताकि आगे की प्रक्रिया को गति दी जा सके. इस संबंध में जिला खनन सहायक निदेशक रंधीर कुमार सिंह ने बताया कि पत्थर उद्योग को शुरू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया जारी है. उन्होंने कहा कि खनन कार्य शुरू करने से पहले वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी प्राप्त करना जरूरी है. इसके लिए खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा वन विभाग को पत्र भेजकर स्वीकृति मांगी गयी है. उन्होंने बताया कि वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद पहाड़ों की बंदोबस्ती और खनन क्षेत्र आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. फिलहाल एनओसी नहीं मिलने के कारण रोहतास के कई पहाड़ों की बंदोबस्ती का मामला लंबित है. यही वजह है कि पत्थर खनन कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हो सका है. पत्थर उद्योग शुरू होने से हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार विभागीय सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए खनन कार्य को पुनः शुरू किया जाये. इसके लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि वन विभाग से स्वीकृति मिलते ही प्रक्रिया में तेजी आयेगी. स्थानीय लोगों और पत्थर कारोबारियों को उम्मीद है कि जल्द ही खनन कार्य शुरू होगा. इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. रोहतास का पत्थर उद्योग एक समय जिले की प्रमुख आर्थिक गतिविधियों में शामिल रहा है. इसके दोबारा शुरू होने से हजारों परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है.

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Published by: Anurag sharan

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