रोहतास महिला कॉलेज में विश्व शांति दिवस पर कार्यक्रम, प्राचार्य ने कहा- शांति की शुरुआत परिवार से होनी चाहिए

Sasaram News : रोहतास महिला कॉलेज में विश्व शांति दिवस पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्राचार्य ने शांति को व्यक्तिगत जीवन और परिवार से जोड़ने पर जोर दिया. शिक्षा को शांति स्थापित करने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया गया.

Sasaram News : शांति सिर्फ देशों के बीच ही नहीं, बल्कि समाज और परिवार के अंदर भी होनी चाहिए. उक्त बातें रोहतास महिला कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार राय ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में आयोजित विश्व शांति दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उद्घाटन सत्र में कहीं. उन्होंने कहा कि जब तक व्यक्ति के मन और परिवार में शांति नहीं होगी, तब तक समाज और देश में भी शांति की कल्पना अधूरी रहेगी. उन्होंने छात्राओं से अपने जीवन में सहनशीलता और आपसी सद्भाव अपनाने का आह्वान किया, ताकि शांति की भावना घर-घर तक पहुंच सके.

भारत को बताया शांति का राष्ट्र

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल प्रो. डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर भारत को शांति का राष्ट्र बताया. उन्होंने कहा कि भारत शांति के अग्रदूत बुद्ध और गांधी जैसे महान मानवों की कर्मभूमि रहा है. इन महापुरुषों ने अहिंसा और सह-अस्तित्व का संदेश पूरी दुनिया को दिया. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष और तनाव की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में भारत की शांति परंपरा और भी प्रासंगिक हो जाती है.

छात्राओं ने गंभीरता से सुने विचार

डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह को सुनने के लिए छात्राओं की बड़ी संख्या मौजूद रही. छात्राओं ने उनके विचारों को गंभीरता से सुना और विश्व शांति के विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली.

शिक्षा को बताया शांति स्थापित करने का सशक्त माध्यम

इसके बाद अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. विष्णु लोक बिहारी ने विश्व शांति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि शिक्षा शांति स्थापित करने का सबसे सशक्त माध्यम है. वहीं, डॉ. मनन ने विश्व शांति को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बनाए रखने के लिए किये जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी.

शांति को जीवन का हिस्सा बनाने पर दिया जोर

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. रेणु सिंह ने किया. कार्यक्रम के अंत में एनएसएस पदाधिकारी डॉ. मो. शमशेर आलम ने अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया. उन्होंने कहा कि विश्व शांति केवल एक दिन मनाने की औपचारिकता नहीं, बल्कि इसे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बनना चाहिए. इसके लिए सभी को निरंतर प्रयास करने की जरूरत है.

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शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में शिक्षकों में डॉ. गिरजा उरांव, डॉ. अमरजीत कुमार, डॉ. प्रिया कुमारी, डॉ. शशिबाला, डॉ. संदीप पटेल और डॉ. सत्यजीत सारंग उपस्थित रहे. शिक्षकेतर कर्मचारियों में शशि रंजन और अनंत कुमार सिंह मौजूद रहे. इस मौके पर कॉलेज की छात्राएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया.

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विचार रखने वाली छात्राओं को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में अपनी बातें रखने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया. आयोजन के माध्यम से छात्राओं को व्यक्तिगत जीवन से लेकर समाज और वैश्विक स्तर तक शांति की महत्ता के प्रति जागरूक किया गया.

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By मो. आरिफ खान

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