Sasaram News : रोहतास जिले के संझौली प्रखंड अंतर्गत बाजितपुर गांव के पास काव नदी पर बनने वाला पुल आज भी अधर में लटका हुआ है. मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत 77.28 मीटर लंबे इस पुल का शिलान्यास खुद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 4 फरवरी 2024 को किया था. शिलान्यास के दिन काम की शुरुआत भी हुई, लेकिन महज दो से तीन दिन बाद ही निर्माण कार्य बंद हो गया. हैरानी की बात यह है कि ढाई साल बीत जाने के बावजूद अब तक काम दोबारा शुरू नहीं हो सका है.
शिलान्यास के समय क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह था. लोगों को उम्मीद थी कि नीतीश कुमार के हाथों शिलान्यास होने के बाद पुल जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा और वर्षों पुरानी समस्या का समाधान मिलेगा. लेकिन समय बीतने के साथ उम्मीदें निराशा में बदल गईं और अब ग्रामीणों में नाराजगी साफ देखी जा रही है.
नेताओं ने भी उठाया मामला, फिर भी नहीं हुआ समाधान
इस पुल निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी कई बार आवाज उठाई. काराकाट के विधायक अरुण सिंह ने विधानसभा में शून्य काल के दौरान तीन बार इस मुद्दे को उठाया. वहीं तत्कालीन सांसद महाबली सिंह ने भी लोकसभा सत्र में पुल निर्माण का मामला रखा. इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं दिखी, जिससे लोगों का भरोसा टूटता नजर आ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तब भी काम शुरू नहीं होना कई सवाल खड़े करता है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी की लापरवाही और प्रशासनिक सुस्ती के कारण यह महत्वपूर्ण परियोजना ठप पड़ी है.
पुल बनने से बदल जाती क्षेत्र की तस्वीर
स्थानीय निवासी सत्येंद्र सिंह, रामबालक सिंह, रौशन कुमार, त्रिवेणी सिंह और अनिल कुमार सहित कई लोगों ने बताया कि बाजितपुर गांव के पास काव नदी पर पुल बन जाने से काराकाट, नोखा और डेहरी विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांव सीधे जुड़ जाएंगे. इससे न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि संझौली पंचायत के आधे से ज्यादा गांव नदी के उस पार बसे हुए हैं, जो अब तक एक-दूसरे से सीधे नहीं जुड़ पाए हैं. पुल बनने के बाद इन गांवों के बीच संपर्क आसान हो जाएगा और लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिलेगी.
आज भी नाव के सहारे जीवन
गौर करने वाली बात यह है कि आजादी के पहले से ही लोग इस नदी को पार करने के लिए नाव का सहारा लेते आ रहे हैं. बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन लगभग ठप हो जाता है. कई बार लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ती है.
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण शुरू होने की खबर से उन्हें बड़ी राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन काम बंद होने से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है. अब लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
कार्रवाई की मांग तेज
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा है. अगर समय रहते काम शुरू नहीं हुआ तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है.
फिलहाल यह मामला पूरी तरह ठंडे बस्ते में नजर आ रहा है, लेकिन जिस तरह से लोगों की परेशानी बढ़ रही है, उसे देखते हुए प्रशासन पर अब कार्रवाई का दबाव भी बढ़ने लगा है. अब देखना यह होगा कि सरकार और संबंधित विभाग कब तक इस अधूरे पुल निर्माण को लेकर ठोस कदम उठाते हैं और लोगों को राहत मिलती है.
