Rohtas News : राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शनिवार को फजलगंज स्थित खेल भवन में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. कबड्डी, ताइक्वांडो, बॉक्सिंग सहित कई खेलों में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा व दमखम का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम का मुख्य संदेश “एक घंटा खेल के मैदान में” रहा. इसके माध्यम से युवाओं और छात्रों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के लिए समय देने के लिए प्रेरित किया गया.
मेजर ध्यानचंद को किया नमन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन कुमार राय ने मेजर ध्यानचंद के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया. इसके बाद उन्होंने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का उद्घाटन किया. खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी है. खेल से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है.
प्रतिभावान खिलाड़ियों को मंच देने पर जोर
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष मशाल कार्यक्रम सहित विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाता है. इसका उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें आगामी ओलंपिक के लिए तैयार करना है. उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खेल सामग्री उपलब्ध करायी गयी है, ताकि छात्रों को विद्यालय स्तर पर ही अभ्यास का बेहतर अवसर मिल सके.
खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास का संदेश
जिला खेल पदाधिकारी विजय कुमार पंडित ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है. उन्होंने खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ अपने खेल में आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने बताया कि खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकार की ओर से तीन लाख से 25 लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध करायी जा रही है. इसके अलावा मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का अवसर भी दिया जा रहा है.
ताइक्वांडो और बॉक्सिंग में दिखा जोश
प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला. कबड्डी में खिलाड़ियों ने टीम भावना और रणनीति का प्रदर्शन किया, जबकि ताइक्वांडो और बॉक्सिंग में खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक और शारीरिक क्षमता का परिचय दिया. आयोजन का उद्देश्य जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को स्वस्थ, सक्रिय व अनुशासित जीवन के लिए प्रेरित करना रहा.
