Sasaram News: डेहरी व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया. अदालत में आपसी सुलह, समझौते और मध्यस्थता के आधार पर कुल 113 आपराधिक शमनीय (कंपाउंडेबल) मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से निष्पादन किया गया. मुकदमों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए न्यायालय परिसर में कुल पांच समर्पित पीठों का गठन किया गया था, जिनमें न्यायिक अधिकारियों के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सदस्य के रूप में नामित किया गया था.
बैंकों के 339 मामलों में 1.57 करोड़ का समझौता, 40 लाख से अधिक की तत्काल वसूली
लोक अदालत में ऋण और बैंकिंग विवादों के निपटारे पर विशेष जोर रहा. बैंक ऋण से जुड़े कुल 339 मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से 1,57,65,717 रुपये (एक करोड़ सत्तावन लाख पैंसठ हजार सात सौ सत्रह रुपये) का समझौता कराया गया. इस समझौते के तहत विभिन्न बैंकों को तत्काल 40,23,667 रुपये की राशि की वसूली प्राप्त हुई. इसके अतिरिक्त, वन विभाग से संबंधित लंबित वादों में भी सुनवाई करते हुए 75,000 रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया.
पांच न्यायिक पीठों ने मुकदमों की सुनवाई कर कराया फैसला
न्यायालय में गठित पांचों पीठों ने मामलों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाई:
- प्रथम पीठ: अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी (SDJM) रिचा कश्यप (पीठासीन पदाधिकारी) एवं अधिवक्ता रितेश कुमार (सदस्य)
- द्वितीय पीठ: सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अर्चना कुमारी (पीठासीन पदाधिकारी) एवं अधिवक्ता अमरनाथ सिंह (सदस्य)
- तृतीय पीठ: न्यायिक दंडाधिकारी कुमार नरुण (पीठासीन पदाधिकारी) एवं अधिवक्ता ओमप्रकाश पांडेय (सदस्य)
- चतुर्थ पीठ: न्यायिक दंडाधिकारी तुलिका शंकर (पीठासीन पदाधिकारी) एवं अधिवक्ता राणा संदीप (सदस्य)
- पांचवीं पीठ: न्यायिक दंडाधिकारी रवि शंकर प्रसाद (पीठासीन पदाधिकारी) एवं अधिवक्ता रामनाथ राम (सदस्य)
विभिन्न विभागों के अधिकारी और अधिवक्ता संघ रहे सक्रिय रूप से उपस्थित
लोक अदालत में बैंकिंग मामलों के अलावा वन विभाग, मापतौल विभाग, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, खनन विभाग और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामलों के निस्तारण पर भी काम हुआ. इस मौके पर एसबीआई डालमियानगर शाखा के मुख्य प्रबंधक रवि श्रीवास्तव, एसबीआई क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय सासाराम के मुख्य प्रबंधक विशाल आनंद, पीबीबी डेहरी प्रबंधक अखिलेश प्रसाद, आलोक कुमार, गणेश दास, अनिल कुमार, रामानंद, प्रभाकर कुमार, राकेश रंजन तिवारी, रघुवीर सिंह और धनंजय पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. वहीं, डेहरी विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार, सचिव रितेश कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भी उपस्थित रहकर पक्षकारों के बीच सुलह कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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