Rohtas Bhadara Land Dispute : रोहतास जिले के नौहट्टा प्रखंड के भदारा गांव में महादलित, आदिवासी और अतिपिछड़ा भूमिहीन परिवारों को कथित रूप से उनकी जोत-कोड़ की जमीन से बेदखल करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) ने इस मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भूमिहीन परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है.
Rohtas News : डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
शुक्रवार को सासाराम स्थित संगठन कार्यालय में जिला कमेटी की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता राजेश पासवान ने की. बैठक के बाद एआईकेएमएस के जिला सचिव अयोध्या राम के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई.
फसल नष्ट कर बेदखल करने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि भदारा गांव में बिहार सरकार की 55 एकड़ भूमि वर्ष 2020 में भूमिहीन परिवारों को उपलब्ध कराई गई थी. इनमें से करीब 15 एकड़ भूमि पर महादलित, आदिवासी और अतिपिछड़ा परिवार वर्षों से खेती कर रहे थे. संगठन का आरोप है कि 13 जुलाई को कुछ लोगों ने ट्रैक्टर से खेत जोतकर अरहर की फसल नष्ट कर दी और कब्जाधारियों को जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया. साथ ही गांव का आम रास्ता भी अवरुद्ध कर दिया गया.
एफआईआर दर्ज नहीं होने पर जताई नाराजगी
संगठन ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद नौहट्टा थाना में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई. ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष को दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने, भूमिहीन परिवारों को पुनः कब्जा दिलाने तथा सामाजिक अत्याचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश देने की मांग की गई.
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा जनआंदोलन
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो गांव से लेकर समाहरणालय तक चरणबद्ध जनआंदोलन चलाया जाएगा. बैठक में सुरेंद्र सिंह, प्रमोद मेहता, अक्षयवट साह, सुखारी राम, चंदा जी समेत संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे.
