Sasaram News : रैयती जमीन की मापी शुल्क में बढ़ोतरी के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन मापी एवं तत्काल सेवा शुल्क की नई दरों की घोषणा कर दी है. नई व्यवस्था पूरे बिहार में लागू कर दी गई है. विभाग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए हैं.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, राज्य के भू-धारकों और रैयतों को भूमि संबंधी सेवाएं सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से राज्य में रैयती भूमि अथवा भू-खंड की मापी की कार्रवाई बिहार सरकारी नियमावली, 1885 के नियम-23 के तहत ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के आधार पर संबंधित अंचल कार्यालयों द्वारा की जाती है.
प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए संशोधित किया
विभाग का कहना है कि वर्तमान में लागू भूमि मापी शुल्क अपेक्षाकृत कम था, जिसे प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए संशोधित किया गया है. नई दरों के अनुसार नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में स्थित रैयती भूमि की मापी के लिए प्रति खेसरा 2000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. वहीं अधिकतम शुल्क 8000 रुपये रखा गया है.
ग्रामीण क्षेत्रों में रैयती भूमि की मापी के लिए प्रति खेसरा 1000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि अधिकतम शुल्क 4000 रुपये तय किया गया है.
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शुल्क संशोधन से भूमि मापी सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा.
तत्काल मापी सेवा के लिए भी नई दरें लागू
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आवेदकों को शीघ्र सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्काल भूमि मापी की व्यवस्था भी की है. नई दरों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा 4000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि अधिकतम शुल्क 16 हजार रुपये रखा गया है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल मापी के लिए प्रति खेसरा 2000 रुपये शुल्क देय होगा. इसके लिए अधिकतम शुल्क 8 हजार रुपये निर्धारित किया गया है.
क्या कहते हैं अधिकारी
नोखा के अंचल अधिकारी मधुसूदन चौरसिया ने बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि मापी का शुल्क प्रति लॉट 500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है. वहीं तत्काल मापी के लिए अब 2000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है.
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में पहले प्रति लॉट 1000 रुपये शुल्क लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है. जबकि तत्काल मापी के लिए अब 4000 रुपये शुल्क देना होगा.
अंचल अधिकारी ने कहा कि विभाग का मानना है कि शुल्क संशोधन से भूमि मापी सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा.
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