Rohtas News : अकोढ़ीगोला प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच काव नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है. नदी में उफान आने से बुधुआ, इसरा, जदवा, बाघाखोह समेत दर्जनों गांवों के बधार में पानी फैल गया है. इससे खेतों में लगी धान की फसल डूबने लगी है और किसानों की चिंता बढ़ गई है. सोमवार की रात से नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी है.
काव नदी का पानी खेतों में फैला, धान की फसल डूबी
काव नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी का पानी आसपास के बधार में फैल गया है. कई स्थानों पर खेत पूरी तरह पानी में डूब गये हैं. इससे धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है. ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में स्थिति गंभीर हो सकती है.
अधिकारियों ने नदी किनारे गांवों का लिया जायजा
जलस्तर बढ़ने की सूचना के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. रवि रंजन, थानाध्यक्ष राकेश गोसाई और अंचलाधिकारी ने काव नदी के किनारे स्थित गांवों का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों में पानी फैलने की स्थिति का जायजा लिया. ग्रामीणों को नदी से दूर रहने और किसी भी परिस्थिति में तेज बहाव वाले पानी में नहीं जाने की सलाह दी गयी.
माइक से कराया जा रहा प्रचार, लोगों को किया गया अलर्ट
बीडीओ ने बताया कि काव नदी के आसपास स्थित गांवों में माइक से प्रचार-प्रसार कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है. ग्रामीणों को नदी के समीप नहीं जाने की अपील की गयी है. प्रशासन ने लोगों को बताया कि लगातार बारिश के कारण नदी में पानी और बढ़ने की संभावना है. ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है.
जलस्तर की निगरानी के लिए दो लोग तैनात
नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखने के लिए स्थानीय चौकीदार समेत दो लोगों को तैनात किया गया है. इन्हें नदी के जलस्तर और आसपास पानी की स्थिति की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है. जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है, ताकि समय रहते एहतियाती कदम उठाया जा सके.
फसल नुकसान का कराया जा रहा सर्वे
बीडीओ ने बताया कि काव नदी के पानी से कई गांवों में धान की फसल डूब गयी है. फसल को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कर्मचारियों के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों की स्थिति का आकलन किया जायेगा. प्रशासन की ओर से फिलहाल नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
