Sasaram News : समाहरणालय परिसर स्थित जनता दरबार हॉल में रविवार को जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत आईटी कर्मियों और कार्यपालक सहायकों की संयुक्त बैठक हुई. बैठक में लंबित मांगों और सेवा स्थायीकरण के मुद्दे पर चर्चा की गयी. इस दौरान सरकार के समक्ष साझा मंच के माध्यम से मांगों को उठाने का निर्णय लिया गया. मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी भी दी गयी.
वेतन विसंगति समेत अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से रोष
बैठक की अध्यक्षता आईटी संघ के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु कुमार के प्रतिनिधि देवेंद्र कुमार धीरज ने की. उन्होंने कहा कि पूर्व में आंदोलन और हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से वेतन विसंगति समेत अन्य मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था. काफी समय बीतने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मियों में रोष है.
साझा मंच से स्थायीकरण की मांग उठाने पर जोर
कार्यपालक सहायक संघ के जिला मीडिया प्रभारी आलोक कुमार ने कहा कि आईटी कर्मी सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अलग-अलग होकर संघर्ष करने के बजाय सभी संगठनों को साझा मंच पर आकर सेवा स्थायीकरण की मांग उठानी होगी.
प्रदेश कमेटी के निर्णय के अनुसार आंदोलन में भागीदारी
एकल खिड़की ऑपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राधाकृष्ण ने कहा कि स्थायीकरण के मुद्दे पर प्रदेश कमेटी के निर्णय के अनुसार आंदोलन में भागीदारी की जायेगी. वहीं, कार्यपालक सहायक संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि लंबित मांगों और सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं होने से संयुक्त मोर्चे के तहत आंदोलन की तैयारी की जा रही है.
मांगें पूरी होने तक व्यापक आंदोलन की चेतावनी
डाटा इंट्री ऑपरेटर संघ के जिलाध्यक्ष राजू कुमार के प्रतिनिधि देवेंद्र कुमार चौबे ने कहा कि प्रदेश कमेटी के निर्णय के बाद मांगें पूरी होने तक व्यापक आंदोलन और हड़ताल की जायेगी. उन्होंने कहा कि कर्मियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए सभी संगठनों को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा.
बड़ी संख्या में कर्मी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में बड़ी संख्या में कार्यपालक सहायक, आईटी सहायक, डाटा इंट्री ऑपरेटर और प्रोग्रामर मौजूद थे.
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