Sasaram News: रोहतास जिले में सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों, कैमूर पहाड़ी के प्राकृतिक जलस्रोतों तथा पड़ोसी राज्यों के प्रमुख जलाशयों से लगातार हो रही पानी की आवक के कारण गुरुवार दोपहर 1:00 बजे इंद्रपुरी बराज पर कुल 2,54,365 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया. बराज की सुरक्षा और जलस्तर को मानक 355 फीट पर संतुलित बनाए रखने के लिए कुल 69 फाटकों में से 40 गेट खोलकर सोन नदी के निचले हिस्से में 2,40,985 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है.
खरीफ फसलों के लिए नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ा गया
सिंचाई सृजन जल संसाधन विभाग (डेहरी ऑन सोन) के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि बराज पर पानी की पर्याप्त उपलब्धता से रोहतास, औरंगाबाद, भोजपुर समेत पूरे शाहाबाद क्षेत्र की खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए नहरों में आवश्यकतानुसार पानी की आपूर्ति की जा रही है:
- पश्चिमी संयोजक नहर: 7,314 क्यूसेक
- पश्चिमी समानांतर संयोजक नहर: 1,811 क्यूसेक
- पूर्वी संयोजक नहर: 4,255 क्यूसेक
रिहंद, वाणसागर और मुहम्मदगंज बराज से हो रही आवक
मुख्य अभियंता के अनुसार, अंतरराज्यीय जलाशयों से बराज को लगातार पानी प्राप्त हो रहा है:
- रिहंद जलाशय (उत्तर प्रदेश): 8,148 क्यूसेक
- वाणसागर जलाशय (मध्य प्रदेश): 3,307 क्यूसेक
- मुहम्मदगंज भीम बराज (झारखंड): 40,148 क्यूसेक
उन्होंने बताया कि झारखंड के मुहम्मदगंज बराज में उत्तर कोयल नदी का जलस्तर बुधवार को 1.74 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था, जिससे सोन नदी में अचानक पानी बढ़ा. हालांकि, अब वहां आवक घटकर 40 हजार क्यूसेक के करीब पहुंच गई है.
स्थिति पूरी तरह सामान्य, कटाव वाले स्थानों पर निगरानी तेज
मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बाढ़ या खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है और आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है. बराज पर 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी पहुंचने पर हाई अलर्ट की स्थिति बनती है.
तिलौथू के ऊपरी भाग में सोन नदी से आंशिक कटाव देखा गया है, जहां जल संसाधन विभाग के अभियंता दल-बल के साथ मुस्तैद हैं और आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक व निरोधात्मक कार्य कराए जा रहे हैं. तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की चौबीसों घंटे सतत निगरानी की जा रही है.
