Rohtas News : सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों, कैमूर पहाड़ी के प्राकृतिक जलस्रोतों में बारिश और प्रमुख जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रपुरी बराज पर जलप्रवाह बढ़ गया है. सोमवार की सुबह 10 बजे बराज पर 1,11,305 क्यूसेक पानी उपलब्ध रहा. जलस्तर को 355 फीट पर संतुलित रखते हुए बराज के कुल 69 गेटों में से 22 गेट खोलकर सोन नदी के निचले हिस्से में 1,00,390 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है.
नहरों में भी छोड़ा जा रहा पर्याप्त पानी
सिंचाई सृजन जल संसाधन विभाग, डेहरी के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह बराज पर 1,11,305 क्यूसेक पानी उपलब्ध था. इसमें से पश्चिमी संयोजक नहर में 6,012 क्यूसेक, पश्चिमी समानांतर संयोजक नहर में 1,201 क्यूसेक और पूर्वी संयोजक नहर में 3,702 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.
प्रमुख जलाशयों से भी बढ़ा जलप्रवाह
वर्तमान में रिहंद जलाशय से 17,789 क्यूसेक, वाणसागर जलाशय से 1,15,710 क्यूसेक और मुहम्मदगंज भीम बराज से 1,07,671 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गयी है. इन क्षेत्रों से पानी आने के कारण सोन नदी में जलप्रवाह बढ़ा है.
सोन नदी के जलप्रवाह से घबराने की जरूरत नहीं
मुख्य अभियंता ने बताया कि इंद्रपुरी बराज की जलधारण क्षमता 14 लाख क्यूसेक है. फिलहाल बराज पर जलस्तर 355 फीट संतुलित रखा गया है और सोन नदी में नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान जलप्रवाह से घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लोगों को सतर्क रहना चाहिए.
पर्याप्त पानी मिलने से किसानों में खुशी
अधिकारियों के अनुसार सभी प्रमुख लिंक नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा रही है. इससे सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिली है और किसानों के बीच खुशहाली का माहौल है. विभाग जलस्तर और पानी के प्रवाह पर लगातार नजर बनाए हुए है.
