रोहतास के कोचस में रविवार की देर शाम नगर पंचायत क्षेत्र के महात्मा गांधी चौक परिसर में ट्रक संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में यूपी से कैमूर के रास्ते रोहतास जिले में पहुंच रहे बिना परमिट और बिना एसटीपी वाले गिट्टी लदे ट्रकों के परिवहन पर रोक लगाने की मांग उठी. ट्रक संचालकों ने इस मामले में रोहतास डीएम से कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है.
बैठक में शामिल ट्रक संचालकों का कहना है कि यूपी से कैमूर जिले के अलग-अलग रास्तों से होकर प्रतिदिन दर्जनों गिट्टी लदे ट्रक रोहतास के परसथुआं, कोचस, करगहर, दिनारा और बड़हरी समेत कई बाजारों में पहुंच रहे हैं. संचालकों के अनुसार, इन ट्रकों के पास जरूरी परमिट और एसटीपी नहीं होने के बावजूद उनका परिवहन किया जा रहा है.
ट्रक संचालकों ने राजस्व नुकसान का लगाया आरोप
संचालकों का कहना है कि बिना परमिट गिट्टी लदे वाहनों के लगातार परिवहन से एक ओर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है. उनका आरोप है कि खनन और परिवहन विभाग की उदासीनता के कारण प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है.
बैठक में सत्यानंद सिंह, संतोष पाठक, रजनीश पटेल, मुकेश पाण्डेय, देवानंद राय, राधाकृष्ण पाण्डेय, भूपेंद्र कुमार सिंह, विनोद कुमार और सुनील कुमार पटेल समेत कई ट्रक संचालक मौजूद रहे.
अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी उठाये सवाल
ट्रक संचालकों ने आरोप लगाया कि खनन विभाग का एक चालक पूरे सिंडिकेट का संचालन करता है. उनका दावा है कि उसका प्रभाव इतना अधिक है कि रोहतास और कैमूर दोनों जिलों के अधिकारी और कर्मचारी उसके नाम की जानकारी मिलते ही कथित रूप से बिना जांच किये अवैध गिट्टी लदे ट्रकों को आगे जाने देते हैं.
हालांकि, ये आरोप ट्रक संचालकों की ओर से लगाये गये हैं. मामले में संबंधित विभाग या अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है.
डीएम से मिलकर कार्रवाई की करेंगे मांग
ट्रक संचालकों ने बताया कि जल्द ही उनका एक शिष्टमंडल रोहतास डीएम से मुलाकात करेगा. इस दौरान बिना परमिट और बिना एसटीपी वाले गिट्टी लदे ट्रकों के परिवहन पर रोक लगाने के साथ ही कथित अवैध परिवहन में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की जायेगी.
संचालकों के अनुसार, इससे पहले भी इस मामले को लेकर शिकायत की जा चुकी है. 6 सितंबर 2024 को एक ट्रक संचालक ने बिहार के तत्कालीन राज्यपाल के साथ ही रोहतास और कैमूर जिले के वरीय अधिकारियों के ईमेल अकाउंट पर पत्र भेजकर शिकायत दर्ज करायी थी. अब एक बार फिर ट्रक संचालकों ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन का ध्यान खींचने की तैयारी की है.
