समय के साथ नहीं बदले शिक्षक, तो पीछे रह जायेगी पीढ़ी : डॉ सिंह

Sasaram news. चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अगर शिक्षक स्वयं अद्यतन नहीं होंगे, तो छात्रों को नवीनतम ज्ञान नहीं मिल पायेगा. ये विचार स्वामी मेडिकल कॉलेज करमसाढ़ गुजरात के प्रधान संयोजक सह भारतीय चिकित्सा परिषद के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ प्रवीण आर सिंह ने व्यक्त किये.

नारायण मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ताओं ने रखी अपनी बात फोटो-14-कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथि व अन्य. प्रतिनिधि, सासाराम ऑफिस चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अगर शिक्षक स्वयं अद्यतन नहीं होंगे, तो छात्रों को नवीनतम ज्ञान नहीं मिल पायेगा. ये विचार स्वामी मेडिकल कॉलेज करमसाढ़ गुजरात के प्रधान संयोजक सह भारतीय चिकित्सा परिषद के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ प्रवीण आर सिंह ने व्यक्त किये. वह सोमवार को गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय जमुहार के देव मंगल सभागार में राष्ट्रीय चिकित्सा शिक्षा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे. डॉ सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा विज्ञान तेजी से बदल रहा है. रोज नये शोध हो रहे हैं. नयी तकनीक विकसित हो रही है. ऐसे में यदि शिक्षक खुद को अपडेट नहीं करेंगे, तो वे आने वाली पीढ़ी को सही दिशा नहीं दे पायेंगे. शिक्षा की गुणवत्ता शिक्षक की गुणवत्ता से जुड़ी होती है. यह सम्मेलन उसी दिशा में एक बड़ा कदम है. साथ ही उन्होंने कहा कि नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल देश का पहला ऐसा संस्थान बन गया है, जहां चिकित्सा शिक्षा पर राष्ट्रीय स्तर का यह ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित किया गया है. उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि इस संस्थान के अधिकांश शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशिक्षित हो चुके हैं और आज स्वयं अन्य संस्थानों में जाकर शिक्षकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं. इस मौके पर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन से शिक्षक प्रशिक्षण को नई दिशा मिलती है. यह संस्थान के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन भारतीय चिकित्सा परिषद नई दिल्ली के दिशा-निर्देश के तहत आयोजित किया गया है. इसका उद्देश्य देशभर के चिकित्सकीय शिक्षकों को नवीनतम शिक्षा पद्धतियों से प्रशिक्षित करना है. कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ महेंद्र कुमार सिंह, प्राचार्य डॉ हीरालाल महतो, सचिव गोविंद नारायण सिंह व प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने भी संबोधित किया. अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक डॉ हीरालाल महतो व समन्वयक चिकित्सा अधीक्षक डॉ पुनीत कुमार सिंह ने किया. मंच पर उपस्थित डॉ मणिकांत कुमार, डॉ नृपेंद्र आनंद, डॉ राहुल चंद्रा सहित अन्य चिकित्सकों ने पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिह्न देकर मुख्य वक्ताओं का सम्मान किया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. सम्मेलन में नारायण मेडिकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्ष, स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं इंटर्न छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न विषयों पर संगोष्ठी सत्र आयोजित किये गये. इन सत्रों में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. प्रमुख वक्ताओं में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के डॉ बिमल वेंकटेश, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के डॉ आनंद मिश्रा, मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के डॉ सुनीता त्रिपाठी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज बिहटा के डॉ मुकेश कुमार, केजीएमयू लखनऊ के डॉ राकेश दीक्षित, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना डॉ सुधीर कुमार, पीजीआई इंदौर के डॉ प्रवीण कुमार अरोड़ा सहित अन्य शामिल रहे.

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Published by: Anurag sharan

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