भूमि अधिग्रहण को लेकर 13 मौजों के किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

Sasaram news. जिले में भारत सरकार की कई परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य चल रहा है. किसान अपनी जमीन के लिए उचित मुआवजा के भुगतान के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवेदन दे रहे हैं.

आरा-सासाराम रेललाइन से जोड़नेवाले ग्रैन्ड कॉर्ड के लिए 13 मौजों में चल रही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई भारतमाला परियोजना के 17 रैयतों के मुआवजे को लेकर आयुक्त ने की सुनवाई और उचित मुआवजे का दिया आश्वासन फोटो-30- समाहरणालय के पास 13 मौजों के किसान. प्रतिनिधि, सासाराम नगर जिले में भारत सरकार की कई परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य चल रहा है. किसान अपनी जमीन के लिए उचित मुआवजा के भुगतान के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवेदन दे रहे हैं. शनिवार को भूमि अधिग्रहण को लेकर 13 मौजों के किसानों ने डीएम को ज्ञापन सौंप बाजार मूल्य पर भुगतान की गुहार लगायी है. किसान नेता सह समाजसेवी बबन विद्रोही व वार्ड संख्या-44 की पार्षद के पुत्र सरोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में 13 मौजा के किसान डीएम के समक्ष समस्या का निदान के लिए गुहार लगाया. किसान नेता ने कहा कि सासाराम अंचल अंतर्गत धर्मपुरवा, बसंतपुर, घटमापुर सहित 13 मौजा में ग्रान्ड कॉर्ड को आरा-सासाराम रेल लाइन से जोड़ने के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. जिला भू-अर्जन की ओर से इन मौजों के किसानों को नोटिस का तालिमा कराया गया है. किसानों ने आरोप लगाया है कि रेलवे ने कॉमर्शियल भूमि को चिह्नित नहीं किया है और उसका भी भुगतान कृषि भूमि के रूप में किया गया है. जबकि चिह्नित भूमि पर कई विशाल मकान और मार्केट का निर्माण वर्तमान में किया गया है. साथ ही जारी नोटिस में कई किसानों का नाम अंकित नहीं होने से कई किसानों के समक्ष भ्रम की स्थिति बना हुआ है. इस संबंध में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जफर हसन ने बताया कि किसान अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे. उन्हें बताया गया कि दर का निर्धारण जिला से नहीं होता है. साथ ही भूमि के प्रकार का बदलाव भी प्रमंडल स्तर से होता है. उन्होंने बताया कि 13 मौजों के किसानों ने पटना प्रमंडल के आयुक्त से भी मुलाकात कर अपनी समस्या बतायी. आयुक्त भारतमाला परियोजना को लेकर छह मौजों में 17 मामलों की सुनवाई डीआरडीए सभागार में कर रहे थे. बरताली छोटकी, बरताली बड़की, रघुनाथपुर, सेमरी, सहसी और बेनसील मौजों के रैयतों की सुनवाई हुई, जो आयुक्त के न्यायालय में परिवाद दायर किये थे. रैयतों और एनचआइ की ओर से आये अधिवक्ताओं ने जिरह को आयुक्त ने सुना है. उम्मीद है कि रैयतों के हित का ख्याल रख उन्हें उचित मुआवजा देने का निर्णय लिया जायेगा.

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Published by: Anurag sharan

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